मऊ। जिला अस्पताल में 2014 में गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) स्थापित किया गया लेकिन तकनीकी कर्मियों की कमी से आईसीयू बंद चल रहा है। इसकी वजह से गंभीर मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। आईसीयू की जरूरत पड़ने पर मरीजों को अन्य जिले के अस्पताल जाना पड़ता है।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक परिसर में आईसीयू स्थापित की गई। इतने समय बीत जाने के बाद भी प्रशिक्षित चिकित्सक तथा कार्डियोलॉलिस्ट की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसकी वजह से मरीजों को आईसीयू का लाभ नहीं मिल रहा है। वर्तमान में आईसीयू बंद रहने से सड़क दुर्घटना या दूसरे गंभीर मरीजों को सदर अस्पताल में लाने पर प्राथमिक उपचार के बाद बीएचयू रेफर कर दिया जा रहा है। सीएमएस डा. बृजकुमार ने कहा कि तकनीकी स्टाफ की कमी से आईसीयू को शुरू नहीं किया जा सका है। शासन को कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन शासन की तरफ से कोई सार्थक जवाब नहीं आया। इससे चाहकर भी आईसीयू नहीं शुरु कर पा रहे हैं।