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जर्जर सरकारी आवास में रहने के विवश स्वास्थ्यकर्मी, मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव

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मऊ। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए तीन दशक पूर्व बनाए गए सरकारी आवास रखरखाव के अभाव में जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं। इन आवासों के बाहरी तथा भीतरी हिस्से देखभाल के अभाव में काफी बेकार हो चुके हैं। कई आवासों में फर्श और प्लास्टर की स्थिति काफी दयनीय है। इतना नहीं जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से घरों से निकलने वाला पानी सड़कर बजबजा रहा है। इन आवासों के कर्मचारी अपना पैसा खर्चकर कई बार मरम्मत कराते हैं। सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम न होने के कारण परिसर में अराजकतत्वों का भी जमावड़ा रहता है। हालांकि इन आवासों में रहने वाले कर्मचारियों ने कई बार शिकायत भी की लेकिन जिम्मेदारों ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
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जिला अस्पताल परिसर में पश्चिमी तरफ 90 के दशक में तीन टाइप के आवास बनाए गए थे। टाइप वन, टू और थ्री के कुल मिलाकर 94 आवास हैं। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी से लेकर डाक्टर्स के लिए आवास बनाए गए हैं। महकमे की तरफ से मरम्मत कार्य न होने से आवास जर्जर हाल में हो गए हैं। हल्की बारिश होते ही छत से पानी रिसने लगता है। पुराना भवन होने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों को काफी दुश्वारियां उठानी पड़ती है। भवनों के टूटे फर्श और प्लास्टर की कर्मचारियों तथा स्वास्थ्यकर्मियों का मरम्मत खुद के पैसे से करनी पड़ती है।
सीएमएस डॉ. बृज कुमार ने बताया भवन पुराने होने के कारण खराबी की शिकायत मिलती रहती है। डाक्टर्स के लिए बने चार आवास में एक की हालत काफी खस्ता है। इसके लिए टेंडर कराकर कार्य कराया जाना है। इसके अलावा अन्य समस्याओं के निराकरण का भी प्रयास किया जाएगा।
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इस संबंध में जिला अस्पताल में बने सरकारी आवास में रह रहे फार्मासिस्ट सुनील राय ने बताया कि लंबे समय से सरकारी आवासों का मरम्मत कार्य कागज पर ही चल रहा है। वार्ड ब्वाय सचिन पांडेय का कहना है कि परिसर में हर तरफ गंदगी और झाड़ियों का साम्राज्य हो गया है। विषैले जंतुओं का खतरा बढ़ गया है। राज्य कर्मचारी परिषद के जिला के जिला मंत्री अविनाश सिसौदिया का कहना है कि आवास में जल निकासी का समुचित व्यवस्था न होने के कारण जलजमाव बड़ी समस्या है। इससे घरों से निकलने वाला पानी सड़कर बजबजा रहा है। संक्रामक रोगों का खतरा बना हुआ है।
लैब टेक्नीशियन पंकज यादव ने बताया कि रखरखाव के अभाव में तीन दशक पहले बने यह आवास काफी दयनीय स्थिति में हैं। परिसर में लगा विद्युत पोल जंग लगने के कारण पूरी तरह सड़ चुका है। जिसके गिरने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसके लिए कई बार शिकायत भी की गई है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
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