दोहरीघाट के मुक्तिधाम श्मशान घाट के पास पहुंचा घाघरा का पानी।
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घाघरा नदी एक बार फिर उफान पर है। शुक्रवार को जलस्तर में 12 सेंटीमीटर की वृद्धि हो गई। गौरीशंकर घाट पर शाम चार बजे तक नदी खतरा बिंदु से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। नदी में यह उफान नेपाल द्वारा लगातार शारदा और गिरजा बैराज से दो दिन में साढे पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से उत्पन्न हुई है। आधा सेमी प्रति घण्टे की रफ्तार से बढ़ती हुई नदी खतरा बिन्दु को पार करते हुए 70.10 मीटर तक जा पहुंची है।
गौरीशंकर घाट पर नदी का खतरा बिन्दु 69.90 मीटर है। उफनती नदी की धारा सीधे बन्धों से टकराने लगी है। तटवर्ती लोगों को आशंका है कि नदी कहीं 1998 के रिकार्ड 71 .25 के आंकड़े को न पार कर जाय।बाढ़ खण्ड आजमगढ़ के एक्सईएन दीपक कुमार ने बंधे का निरीक्षण किया। उन्होंने जेई को रामपुर धनौली रिंग बंधे पर जमे खरपतवार को साफ कराने तथा बंधों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया। किसानों की बंधों के नीचे की सभी फसलें बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। इधर रामपुर के समीप स्थित ब्रह्मचारी बाबा की कुटी बाढ़ के पानी से घिर गयी है।
बढते जलस्तर से अंवरा डांड़ से लेकर नवली गांव के समीप तक बने डबल कैंची बंधे पर नदी का दबाव शुरू हो गया है। गांव के लोगों को डर है कि अगर बन्धा टूटा तो भीषण तबाही मचेगी। । गोधनी, पत्तनई, सडासो , बहादुर पुर, कोरौली, गौरीडीह, बेलौली ,बीबीपुर ,तहीरापुर समेत सैकड़ों तटवर्ती गावों के किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं । नवली रिंग बंधे के नीचे कटान हो रही है।
सिंचाई विभाग के जेई जेपी यादव ने बताया कि नदी खाकी बाबा की कुटी से लेकर भारत माता मन्दिर तक बैकरोलिंग कर रही है। कटान स्थल के समीप बोल्डर डम्प किये गये हैं तथा तार की जाली और बोरियो में ईट भरकर रखी गई है। ताकि समय पर काम आ सके।