मऊ। जिले के निजी शिक्षण संस्थानों में दो या दो से अधिक बहने एक साथ पढ़ रही हैं तो सरकार संस्थान से एक की फीस माफ करने का आग्रह करेगी। जो संस्थान तैयार नहीं होगा तो सरकार उसकी ट्यूशन फीस देगी। सरकार के फरमान से छात्राओं में हर्ष का माहौल है। इस मुद्दे पर छात्राओं से बातचीत की गई तो सभी ने फीस माफी के निर्णय का स्वागत किया।
कोरोना संक्रमण की मार समाज के हर तबके पर पड़ी है। अभिभावकों को भारी फीस जमा करना मुश्किल हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत शनिवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में नई फीस माफी व्यवस्था की घोषणा की। नई व्यवस्था के तहत निजी शिक्षण संस्थानों में दो या दो से अधिक बहने एक साथ पढ़ रही हैं तो सरकार की तरफ से संस्थान से एक की फीस माफ करने का आग्रह करेगी। जो संस्थान तैयार नहीं होगा तो सरकार उसकी ट्यूशन फीस देगी।
इस संबंध में पलिया निवासी खुशी सिंह का कहना था कि संक्रमण काल में निजी शिक्षण संस्थानों में भारी भरकम फीस जमा करने में समस्या आ रही है। दो बहनों में से एक बहन की फीस माफ करने का निर्णय स्वागत योग्य कदम है। इससे पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी।
इसी क्रम में बहरीपुर निवासी श्रेया पांडेय का कहना था कि दो बेटियां में से एक की फीस माफ करना सराहनीय पहल है। इससे बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
ताजोपुर निवासी राजलक्ष्मी राजभर का कहना था कि सरकार के फीसमाफी की नई व्यवस्था से काफी राहत मिलेगी। कोरोना संक्रमण काल में भी शिक्षा निर्वाध रुप से चलती रहेगी।
इसी क्रम में छात्रा अंजली का कहना था कि सरकार की तरफ से फीस माफी की नई व्यवस्था लागू करने की जितनी प्रशंसा की जाए कम ही है। इससे बालिकाओं को अपनी शिक्षा पूरी करने में काफी मदद मिलेगी।