आरोप है कि मुख्तार अंसारी ने पांच लोगों का नाम अपने लैटर पैड पर लिखकर उनका असलहा लाइसेंस बनवाने के लिए मऊ के जिलाधिकारी से सिफारिश की थी। लेटर पैड के आधार पर जिलाधिकारी ने सभी को लाइसेंस जारी किया था। बाद में जांच के दौरान तीन का असलहा फर्जी पते पर बनना पाया गया। जिस पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के खिलाफ दक्षिणटोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई।
पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी सहित सभी के खिलाफ आरोप पत्र सीजेएम कोर्ट मे पेश किया। इस मामले में बुधवार को मुख्तार अंसारी की पेशी थी। बादा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। मुख्तार ने जेएम फास्ट ट्रैक कोर्ट महिला अपराध संतोष वर्मा को बताया कि उन्हें जो सुविधाएं जेल मे मिलनी चाहिए, वो नहीं दी जा रही हैं।
मेडिकल बोर्ड की जांच मे भी डॉक्टर ने जो सलाह दी है, उसका भी पालन जेल अधीक्षक द्वारा नहीं किया जा रहा है। जेएम फास्ट ट्रैक कोर्ट संतोष वर्मा ने अभियोजन अधिकारी और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दरोगा सिंह को सुनने के बाद जेल अधीक्षक बांदा से मुख्तार अंसारी की मेडिकल बोर्ड की पूरी रिपोर्ट तलब की है। साथ ही मामले मे मुख्तार अंसारी की न्यायिक अभिरक्षा का रिमांड स्वीकृत करते हुए सुनवाई के लिए 21 मई की तिथि नियत की।