मऊ। जिले में रविवार को आयोजित यूपी टीईटी परीक्षा निरस्त किए जाने से ठंड के मौसम में दूर दराज से परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों में आक्रोश दिखा। इस मामले में अभ्यर्थियों से बातचीत की गई तो सभी ने भविष्य के साथ खिलवाड़ होना बताया। साथ ही पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
सूरजपुर से परीक्षा देने आईं पूजा का कहना था कि कड़ी मेहनत से परीक्षा की तैयारी की थी। पेपर अच्छा चल रहा था, लेकिन अचानक परीक्षा निरस्त किए जाने से निराशा हुई। पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पिपरीडीह से आई शिवांगी का कहना था कि यह पहली बार हुआ है कि परीक्षा कक्ष में आधा घंटा परीक्षा देने के बाद परीक्षा निरस्त हुई है। यह हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ठंड के मौसम में तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ा। सिस्टम को पारदर्शी बनाया जाए। ताकि मेधावियों को मंजिल मिल सके। कोपागंज से परीक्षा देने आई रविता का कहना था कि शिक्षक बनने का सपना संजोकर परीक्षा देने आई थी। प्रश्न पत्र हल ही कर रही थी।
अचानक परीक्षा रद्द होने की घोषणा होने से मन खिन्न हो गया। सरकार की तरफ से परीक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाया जाए। ताकि पेपर लीक होने की गुंजाइश न रहे। पेपर लीक मामले की गहन जांच कराया जाए। ताकि भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले शिकंजे में आ सके।
इंदारा के संपूर्णानंद मौर्य का कहना था कि टीईटी परीक्षा में 60 प्रश्न हल कर दिया था। लेकिन टीईटी परीक्षा निरस्त करने की सूचना मिलने के बाद शिक्षक बनने का सपना धरा का धरा रह गया। साल बीतने में 33 दिन ही शेष हैं। पेपर लीक होने के मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जाए ताकि दोषियों को जेल भेेजा जाए।