मऊ। यूपी टीईटी की पहली पाली की परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जिले के 73 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई। पहली पाली में शामिल अभ्यर्थी अपनी उत्तर पुस्तिका पर अनुक्रमांक आदि भरने के बाद प्रश्न हल ही कर रहे थे कि इसी बीच लगभग आधा घंटे बाद प्रश्न पत्र लीक होने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन की तरफ से टीईटी परीक्षा निरस्त करने का फरमान जारी कर दिया गया। इससे अभ्यर्थियों में मायूसी छा गई। अचानक परीक्षा रद्द होने के बाद सभी परीक्षा केंद्रों से बाहर आ गए और अपने घर की ओर चल दिए। इससे दूर दराज से परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के चेहरे पर मायूसी नजर आई। साथ ही शासन प्रशासन को कोसते नजर आए।
जिले में रविवार को आयोजित होने वाली यूपीटीईटी परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए जिले में पहली पाली के लिए 73 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक की तैनाती के साथ ही तीन सचल दस्ता की तैनाती की गई थी। पहली पाली में प्राथमिक वर्ग के लिए 31567 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जबकि, दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक वर्ग के लिए 25 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत थे। शनिवार की रात से ही यूपीटीईटी का पेपर इंटरनेट पर वायरल हो रहा था। इसकी पुष्टि न होने के चलते पहली पाली 73 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा पूर्वाह्न 10 बजे शुरू हुई।
अभ्यर्थी उत्तरपुस्तिका पर अपना अनुक्रमांक लिखने सहित तमाम प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रश्न हल ही कर रहे थे कि पूर्वाह्न लगभग 10.30 बजे जिला प्रशासन की तरफ से टीईटी परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। परीक्षा केंद्रों में स्मार्टफोन ले जाना वर्जित होने के चलते जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से मोबाइल फोन से केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा निरस्त होने की जानकारी दी गई। परीक्षा निरस्त होने से दूर दराज से परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों में मायूसी छा गई। परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते समय अभ्यर्थियों के चहरे पर आक्रोश झलक रहा था। वह परीक्षा के जिम्मेदार अधिकारियों को कोस रहे थे। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद का कहना था कि दोनों पालियों की यूपीटीईटी परीक्षा निरस्त कर दी गई है।