मऊ। श्रमिक संगठन एक्ट ने शाहजहां पुर में मुख्यमंत्री से मिलने गई आशाओं को पुलिस द्वारा बर्बर पिटाई, उत्पीड़न और मुकदमे के खिलाफ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। कलेेक्ट्रेट पर आशाओं को संबोधित करते हुए रेनू सिंह ने कहा कि शाहजहांपुर में आशा बहनों के साथ योगी सरकार की पुलिस ने जिस क्रूरता के साथ मारपीट की।उनके साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उच्चतम न्यायालय के आदेश के विपरीत विधि विरुद्ध तरीके से पुरुष पुलिसकर्मियों ने बूटों से आशाओं पर प्रहार करते हुए प्रताड़ित किया। आशाओं के हाथ तोड़ दिए व गला घोंटकर हत्या करने की सार्वजनिक रूप से कोशिश की।
आशाएं शहर में मौजूद मुख्यमंत्री को शांति पूर्ण ढंग से मांग पत्र देने के लिए निवेदन कर रही थी। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान की बात करने वाले मोदी योगी के राज में महिलाओं की इज्जत और सम्मान कहीं भी सुरक्षित नहीं है। मोदी ने आशाओं को करोना महामारी में योद्धा घोषित किया और पचास लाख का बीमा, प्रोत्साहन राशि देने सहित तमाम घोषणाएं कीं। लेकिन सात आठ महीने के बाद भी अभी तक आशाओं को कोई भुगतान नहीं मिला। कहा कि हम अपनी पीड़ा अपने मुखिया से कहना चाहते हैं तो हम को लाठी-डंडों से पीटा जा रहा है। यही है भाजपा का रामराज का सुशासन।
श्रमिक संगठन एक्ट के जिला संयोजक शिवमूरत गुप्ता ने कहा कि मोदी जोगी सरकार केवल नारों और वादों की सरकार है। प्रदेश के सभी स्कीम वर्कर्स चाहे रसोईया हो या आशा या अन्य सभी अपने वेतन के लिए संघर्षरत हैं। सात सात महीनों से इनको मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सरकार बंधुआ मजदूर की तरह काम करा रही है। श्रम कानूनों का पालन नहीं कराया जा रहा है। पत्रक में शाहजहांपुर में लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराने और सभी आशाओं पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदमे को वापस लेने की मांग की गई है।
कार्यक्रम में रामू प्रसाद ,किसान नेता वीरेंद्र कुमार ,बुनकर नेता शमशुल हक चौधरी, बसंत कुमार, शिव कुमार ,धनराज सेठी, ऊषा यादव, माया देवी, मीरा देवी प्रमिला देवी, अनीता, बिंदू यादव, कमलेश देवी, सविता यादव, बबिता यादव, रामबली, राजेश, साधु यादव, अरविंद विद्याधर, मुन्ना , संजय, विशाल आदि उपस्थित रहे।