मधुबन। सरकारी गोदामों से सरकारी खाद की कालाबाजारी पर विभाग और पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर मधुबन पुलिस ने शनिवार की शाम यूरिया की कालाबाजारी करने वाले मुख्य आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही दो पिकअप सीज किए।
27 दिसंबर को भी पुलिस ने चार लोगों को यूरिया की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किया था। गेहूं की सिंचाई के बाद यूरिया का छिड़काव का समय चल रहा है। सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं मिलने से किसान प्राइवेट दुकानों से अधिक दाम देकर खरीदने को मजबूर हैं। सरकारी गोदामों पर यूरिया की किल्लत होने का कारण बड़ी मात्रा में कालाबाजारी है। दुकानदार और सचिव की मिलीभगत से यूरिया पिकअप पर लादकर एक से दूसरे जनपद में भिजवा दिया जा रहा है। मधुबन पुलिस को बीते कई दिनों से यूरिया के कालाबाजारी की सूचना मिल रही थी। 27 दिसंबर को मधुबन थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार त्रिपाठी टीम के साथ दुबारी पुलिस चौकी के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे। वहां से दो पिकअप में लदी 100 बोरी यूरिया जब्त की थी। दोनों पिकअप के चालक और दो मजदूरों को गिरफ्तार किया था। ईफको और जिला कृषि अधिकारी की जांच में पता चला कि मधुबन नगर पंचायत के वार्ड नंबर आठ निवासी चंदन बरनवाल 300 रुपये प्रति बोरी की रेट से देवरिया जनपद के मईल थाना क्षेत्र के रेवली बाजार से लाता था। इन बोरियों को लाने का साक्ष्य उसके पास नहीं मिला। जिला कृषि सोमप्रकाश गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।