स्थानीय थाना क्षेत्र के कसारा मोड़ पर शनिवार की सुबह ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक पर पीछे बैठे शिक्षक की मौके पर मौत हो गई। मृतक सरकारी स्कूल में हेडमास्टर के पद पर तैनात था, घटना के समय वह किसी दूसरे शिक्षक के साथ मुख्यालय जा रहा था। घटना से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर दिया। 40 मिनट के बाद सदर एसडीएम के आश्वासन के बाद जाम खत्म हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
मृतक की पहचान कोपागंज थाना के दोस्तपुरा निवासी महेंद्र सोनकर (50) पुत्र सीता सोनकर कोपागंज में प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर थे। शनिवार की सुबह सात बजे वह एक शिक्षक के साथ बाइक से जनपद मुख्यालय जा रहे थे। अभी वह कसारा मोड़ पहुंचे थे सड़क का फुटपाथ ज्यादा नीचे होने के चलते बाइक असंतुलित होकर गिर गया तभी घोसी की तरफ से तेज गति के साथ आ रही ट्रक की चपेट में आने से पीछे बैठे मौके पर महेंद्र सोनकर की मौत हो गई। खबर मिलते ही वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। सावन माह में नो इंट्री लगाई गई थी। लेकिन वहां पर कोई भी पुलिस कर्मी तैनात नहीं था। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ट्रैक चालक ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गया। उधर, घटना से नाराज लोगों ने सड़क को जाम कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी सदर अशोक कुमार वर्मा सीओ घोसी दिनेश दत मिश्रा मौके पर पहुंचे, समझाने के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम खत्म किया।
सवाल नो इंट्री होने पर भी बड़े वाहनों की आवाजाही कैसे
प्राचीन शिव मंदिर में लगने वाले मेले और कांवड़ियों के आने जाने और सावन की पूजा के मद्देनजर सावन महीने तक बड़े वाहनों को कस्बा से होकर गुजरना निषेध है। इसके बावजूद पुलिस कर्मियों की लापरवाही के चलते बड़े वाहनों का आवागमन जारी है। कई बार लोगों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक के साथ मुआवजे की मांग को लेकर लोगाें ने मार्ग जाम किया था। लोगों ने कहा कि अगर बड़े वाहन का आवागमन नहीं होता तो महेंद्र सोनकर की जान बच सकती थी।