मऊ। शिक्षा सत्र का नौ माह बीत चुका है, शनिवार को नया वर्ष 2022 भी शुरू हो गया। बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्ध सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत 34 हजार बच्चों के अभिभावक सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल तकनीकि खामियों के चलते इन छात्रों केे अभिभावकों के खाते में ड्रेस, स्वेटर सहित अन्य वस्तुओं के खरीदने के लिए राशि स्थानातरित नहीं हो सकी है। आला अधिकारी शीघ्र ही प्रक्रिया पूरी हो जाने का दावा किया है।
बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्ध जिले में 1508 विद्यालयों में लगभग 1.90 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। शासन की तरफ से बच्चों को दो सेट नि:शुल्क यूनिफार्म, स्वेटर, जूता, मोजा, बैग दिया जाना है। लेकिन शिक्षा सत्र का नौ माह बीत चुका है, लेकिन अभी तक अभिभावकों के खाते में धन नहीं पहुंचा है। धन न मिल पाने से अभिभावक बच्चों के लिए ड्रेस तथा स्वेटर आदि खरीद नहीं पा रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो 1.56 लाख बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि पहुंच गई है। लेकिन तकनीकी खामी के चलते 34 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में धन ट्रांसफर नहीं हो सका है।
किसी खाते में ट्रांजेक्शन नहीं हुआ है, किसी का खाता बंद सहित कई तकनीकी वजह सामने आ रही है। विभाग की ओर से शिक्षकों के माध्यम से स्कूल स्तर से ठीक कराया जा रहा है। खाते मेें धन न आने से अभिभावक बच्चों के लिए ड्रेस, स्वेटर आदि खरीद नहीं पा रहे हैं। ठंड के मौसम में बच्चों को एक-एक पल बिताना भारी पड़ रहा है। आला अधिकारी प्रक्रिया शीघ्र पूरा होने का दावा कर रहे हैं।
इस मामले मे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि डीबीटी के तहत 1.90 लाख बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1100 रुपया की धनराशि भेजी गई है। कुछ अभिभावकों के खाते में धनराशि ट्रांसफर नहीं हुई है। विद्यालय स्तर से शिक्षकों के माध्यम से तकनीकी खामी को सही कराया जा रहा है। शीघ्र ही सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।