मऊ। प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में जनपद के ब्लॉकों को दिए जाने वाले लक्ष्य में काफी अंतर है। अपेक्षाकृत बड़े मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक को सबसे कम 67 आवास दिए गए हैं। यह सत्ताधारी भाजपा के विधायक बैजनाथ पासवान का विधान सभा क्षेत्र है। सबसे अधिक 466 आवास बड़रावं ब्लाक को दिए गए हैं। यह क्षेत्र जिला पंचायत अध्यक्ष और घोसी विधान सभा क्षेत्र के भाजपा विधायक फागू चौहान का है। जिले में प्रधान मंत्री आवासों की संख्या साल दर साल घटती जा रही है।
जिले के सभी नौ ब्लाकों के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2016-17 में 6508 आवास दिए गए थे। वर्ष 2017-18 में 4249 आवास दिए गए जबकि वर्तमान वर्ष 2018-19 में 2966 आवास ही स्वीकृत किए गए। इसी प्रकार जिले के नगरीय क्षेत्रों में वर्ष 8809 आवास गरीबों को स्वीकृत किए गए हैं। जिला मुख्यालय से सटे 51 गांवों वाले परदहा ब्लाक को इस वर्ष 122 आवास दिए गए हैं। जबकि अपेक्षाकृत बड़े ब्लाक घोसी ब्लाक को 162 आवास दिए गए हैं। जिले के सबसे बड़े ब्लाक रानीपुर को 394 आवास दिए गए हैं। दोहरीघाट ब्लाक को 394 आवास ,रतनपुरा ब्लाक को 443 आवास, कोपागंज को 452 आवास, फतेहपुर मंडाव ब्लाक को 462 आवास दिए गए हैं।
जिले के सभी नौ ब्लाकों के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2016-17 में 6508 आवास और 2017-18 में 4249 आवास तथा 2018-19 में 2966 आवास स्वीकृत किए गए। इसी प्रकार जिले के नगरीय क्षेत्रों में वर्ष 8809 आवास गरीबों को स्वीकृत किए गए हैं।
दोहरीघाट को सबसे कम और नगर पालिका को सबसे अधिक आवास
मऊ। प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर पालिका सहित जिले की कुल दस नगर पंचायतों को कुल 8809 आवास दिए गए हैं। सबसे कम 210 आवास दोहरीघाट नगर पंचायत को दिए गए हैं। जबकि सबसे अधिक 2771 आवास मऊ नाथ भंजन नगर पालिका को दिए गए हैं। मुहम्मदाबाद गोहना को 493 , कोपागंज नगर पंचायत को 453 आवास, घोसी नगर पंचायत को 693 , अमिला नगर पंचायत को 303आवास , अदरी नगर पंचायत को 677 आवास , दोहरीघाट को 210 , वलीदपुर नगर पंचायत को 1101 आवास, चिरैयाकोट नगर पंचायत को 765 आवास और मधुबन नगर पंचायत को 1343 आवास दिए गए हैं।
दीवार तो खड़ी कर ली अब छत कैसे ढालें
दुबारी। स्थानीय दुबारी ग्राम पंचायत के बईरकंटा पूरवा में चार पात्र ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास के लिए चयन हुआ है। चारों को पहली किश्त तो 40 हजार रुपये मिले। लाभार्थियों ने दीवार खडी कर लिया लेकिन छ:महीनों से अबतक शेष किश्तें नहीं मिलने के कारण अब तक छत नहीं लगा पाए। इस बाबत लाभार्थी गोरख चौहान पुत्र जयश्री ,रविंद्र चौहान पुत्र गुलाब चौहान और अमला चौहान पुत्र सुकालू चौहान ,सुधाकर चौहान पुत्र राजदेव चौहान का कहना है कि इस ठंड में जीवन बिताना कठिन हो गया है और ब्लाक एवं तहसील दिवस पर शिकायत करने के बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस संबंध में प्रधान रंजना सिंह का कहना है कि दूसरी किश्त के लिए बजट की मांग की गई।
शासन की गाइड लाइन के अनुरूप प्रधानमंत्री आवासों का ब्लाकवार लक्ष्य का आवंटन किया गया है। किसी ब्लाक की उपेक्षा नहीं की गई है।
आशुतोष कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी