मऊ। धान खरीद योजना का लाभ किसानों को मिलता नजर नहीं आ रहा है। विभाग की उदासीन कार्यप्रणाली से जहां आढ़तिया मालामाल हो रहे हैं। 28 फरवरी तक क्रय केंद्रों को 71 एमटी खरीद लक्ष्य पूरा करना है। लेकिन अभी तक मात्र 38 एमटी ही खरीद की जा सकी है। मिलरों द्वारा धान का उठान धीमी गति से किए जाने से खरीद में दिक्कतें आ रही। मिलरों का कहना कि किसान धान को मानक के अनुसार नहीं ला रहे। ऐसे में उनका नुकसान होगा।
किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान खरीद योजना शुरू की गई है। धान खरीद के लिए जिले में 59 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद का लक्ष्य 71 हजार एमटी निर्धारित किया गया है। खरीद 28 फरवरी तक की जानी है। लेकिन अधिकांश क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमाने रवैए से किसान परेशान हैं। हालत यह है कि कई धान क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया धान का मिलरों द्वारा उठान न किए जाने से खरीद ठप है। उठान धीमी गति से होने के चलते खरीद गति काफी धीमी है। धान खरीद न होने से आढ़तियों की चांदी कट रही है। वह किसानों की फसल को औने पौने दाम में खरीद रहे हैं।
आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो धान बेचने के लिए 8500 किसानों ने आनलाइन आवेदन किया। जिसमें अब तक 7005 किसानों से 38614.60 एमटी ही खरीद की जा सकी है। किसानों का 54 लाख बकाया चल रहा है। विभाग की तरफ से सिर्फ छह मिलरों का ही एग्रीमेंट हो पाया है। मिलरों के चावल की क्वालिटी घटिया बताकर एफसीआई रिजेक्ट कर दे रही है। अब तक 32 लाट चावल रिजेक्ट हो चुका है। इसके चलते मिलर क्रय केंद्रों से धान उठान करने से कतरा रहे हैं। धान का उठान न होने से खरीद ठप है। किसान क्रय केंद्र पर जा रहे हैं लेकिन क्रय केंद्र प्रभारी बहाना बनाकर बैरंग लौटा दे रहे हैं। बड़े किसान तो अपना धान घर पर रखे हुए हैं। जबकि छोटे किसान धान खराब होने के डर से अपनी उपज को औने पौने दाम में बेचने को विवश हैं। किसानों की शिकायत के बाद भी क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
धान खरीद चल रही है। किसान कम आ रहे हैं। मानक के अनुुरुप किसान धान लाएं। खरीद की जाएगी।
दिनेश कुमार तिवारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
क्रय केंद्रों पर पसरा रहा सन्नाटा
कुसुम्हा। क्षेत्र के साधन सहकारी समिति गोठा, कृषि मंडी गोठा, दोहरीघाट क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया धान डंप पड़ा है। मिलरों द्वारा उठान न किए जाने से धान खरीद ठप है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। क्षेत्र के शांतानंद राय, राजेंद्र राय, श्रीप्रकाश, प्रमोद कुमार राय का कहना है कि धान खरीद बंद चल रही है। घर पर रखा धान खराब हो रहा है। कब धान खरीद शुरू होगी पता नहीं चल पा रहा है। समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो अब ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
एजेंसीवार विवरण
खाद्य विभाग 28952.49 एमटी
पीसीएफ 7629.49 एमटी
यूपी एग्रो 187.16 एमटी
कर्मचारी कल्याण निगम 349.40 एमटी
भारतीय खाद्य निगम 1496.04 एमटी