मथुरा। बदलता मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में वर्तमान में वायरल फीवर और एलर्जी से पीड़ित लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इसकी वजह रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी को बता रहे हैं।
कंसल्टेंट फिजिशियन भारती गर्ग ने बताया कि प्रतिरक्षा प्रणाली पर दबाव पड़ने से वैक्टीरिया और वायरस से लड़ने की क्षमता प्रभावित होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा परेशान हैं। दिन में गर्मी के दौरान हल्का पसीना होने पर लोग सफाई पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। इस कारण बैक्टीरिया, वायरस आसानी से हमला कर देते हैं। हल्का सा संक्रमण भी सर्दी, खांसी, फ्लू जैसे वायरल इंफेक्शन की वजह बन रहा है। शुरूआत गले के संक्रमण से होती है।
पानी की कमी से डिहाइड्रेशन, नींद में भी कमी
उन्होंने बताया कि सर्दियों में प्यास कम लगने से पानी पीने की आदत कम हो जाती है। बदलते मौसम में भी यह बरकरार रहती है। इसलिए पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन होने लगता है। जो सिरदर्द, थकान और सांस फूलने की वजह बनता है। दूसरी तरफ दिन जल्दी होने से नींद प्रभावित होने लगती है। बॉडी क्लॉक बिगड़ने से पाचन क्रिया पर असर पड़ता है।
बचाव के उपाय
- सुबह शाम की हल्की ठंड से बचें
- मिर्च और तले पदार्थ कम खाएं, ताजा भोजन लें।
- पर्याप्त पानी पीएं, सोने-जगने का समय तय करें
- रात को पंखा चलाकर न सोएं
- तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर के परामर्श पर दवा लें।