हत्या के एक मामले में दो सगे भाइयों समेत चार लोगों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्यों के अभाव में दो लोगों को दोषमुक्त कर दिया गया है।
कत्ल की ये वारदात बलदेव कस्बे में 3 सितंबर, 2014 को हुई थी। राजू पांडेय की कुम्हारान इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के मूल में जमीनी रंजिश बताई गई थी। राजू पांडेय के भाई अशोक कुमार पांडेय ने मुकदमा दर्ज कराया था।
रिपोर्ट में दो भाई सचिन और बलराम पुत्र रामगोपाल, बच्चू सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी नगला गिरधर बलदेव और गांव बरहन, आगरा निवासी योगेश पुत्र बच्चन को नामजद किया गया। बाद में पुलिस विवेचना में विष्णु और लक्ष्मीनारायण निवासी पलसों गोवर्धन के नाम और शामिल कर लिए गए थे। पुलिस ने अभियुक्त सचिन, योगेश और विष्णु को जेल भेज दिया था। यह तभी से ही जेल में हैं।
इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश जेपी सिंह की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुना। बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से अभियुक्त बच्चू और बलराम के संबंध में तर्क दिया गया कि दोनों घटना के समय अलीगढ़ जेल में बंद थे और लिखित पुलिस साक्ष्य भी लगाए गए, लेकिन डिफेंस लॉयर विधिक रूप से न्यायालय में इस तर्क को साबित नहीं कर सके। एडीजीसी गोविंद बल्लभ सिद्धराज और एसपीओ डीके मिश्रा ने बताया कि अदालत ने सचिन, बलराम, योगेश और बच्चू सिंह को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा दी है, वहीं विष्णु और लक्ष्मीनारायण को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।