थाना बलदेव क्षेत्र में कक्षा तीन की बालिका के साथ दुष्कर्म और बेरहमी से हत्या के बाद लोग दहशत में हैं। बलदेव में घटना के बाद जो सन्नाटा है उसमें मासूम के साथ हुए अत्याचार की भयावहता महसूस की जा सकती है। माता-पिता अपनी बच्चियों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं तो घटना वाले क्षेत्र के आसपास करीब 20 अभिभावकों ने बच्चियों का स्कूल जाना ही बंद करा दिया है।
जो पार्क और गलियां बच्चों के शोरगुल से आबाद रहते थे वहां सन्नाटा है। दहशत केवल बेटियों को लेकर नहीं बेटों को लेकर भी है। 2012 में हुए दिल्ली के निर्भया कांड के चार साल बाद भी बेटियों और मासूमों के लिए भयमुक्त समाज एक सवाल बनकर रह गया है।
केस वन: कक्षा चार में पढ़ने वाली अंजू हर रोज मम्मी से स्कूल जाने की जिद करती है लेकिन घर वाले उसे स्कूल नहीं भेज रहे हैं। कह देते हैं कि अभी कुछ दिन बाद जाना। मोहल्ले से कोई भी बच्चा स्कूल नहीं जा रहा है। स्कूल वाले भी यहां लगातार संपर्क कर रहे हैं।
केस दो: विपिन, सुमन और चंचल को मम्मी पापा ने साफ कह दिया है कि घर से बाहर नहीं जाना। जो खेलना है, अपने घर में खेलो। सामने पार्क तक भी अभिभावक बच्चों को नहीं जाने दे रहे हैं। आम तौर पर यह पार्क शाम होते ही बच्चों से भर जाता था लेकिन आज खामोशी छाई है।
केस तीन: पंकज, गुंजन और कनिष्का भी बार बार बाहर जाकर खेलने जाने की जिद करती हैं लेकिन मम्मी बाहर नहीं जाने देती। स्कूल भी यह बच्चे दो दिन से नहीं जा रहे हैं। घर वालों का कहना है कि हालात खराब हैं। बच्चों को लेकर डर लगा रहता है।
केस चार: नरेश, राकेश और कपिल हर सुबह स्कूल की यूनिफार्म पहनकर तैयार हो जाते हैं लेकिन जब घर वाले देखते हैं कि मुहल्ले से दूसरे बच्चे भी नहीं जा रहे हैं तो इन्हें भी रोक दिया जाता है। तीन दिन हो गए हैं इन सभी बच्चों को स्कूल गए।
स्कूल में घटी उपस्थिति
रामस्वरूप बालिका स्कूल के प्रबंधक सत्यदेव पांडेय का कहना है कि बीते कुछ दिन से बच्चों की संख्या पर असर पड़ रहा है। इसकी वजह अब तक साफ नहीं है।
घर-घर जाकर समझा रही पुलिस
बलदेव के थाना प्रभारी प्रवीण सिंह मान ने बताया कि जहां से भी सूचना मिल रही है कि लोग घबराहट के कारण बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं वहां वह खुद जाकर लोगों को समझा रहे हैं। सुरक्षा की भावना पैदा की जा रही है। कई प्वाइंट पर पुलिस की अतिरिक्त ड्यूटी भी लगा दी गई है।
यह है डर की वजह
बलदेव क्षेत्र में नौ साल की एक बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान पास का एक युवक डिस्को बच्ची को बहलाकर अपने साथ ले गया। बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। हत्या करके शव यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर फेंक दिया गया। यह बच्ची कक्षा तीन का छात्रा थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है। दुष्कर्मी ने उसके मुंह पर हाथ रखकर दम घोंटकर मार डाला।