उस वक्त नारी निकेतन केंद्र के मुख्य गेट का ताला अंदर से बंद था। संवासनियों ने भिड़ंत करते हुए होमगार्ड विमलेश ने चाबी छीनने का प्रयास किया, मगर महिला होमगार्ड ने साहस का परिचय दिया और शोरशराबा मचा दिया। इसके बाद नारी निकेतन में रहने वाली
अन्य 15 संवासनियों ने उक्त तीनों को पकड़ा।
विमलेश ने मुख्य द्वार का ताला खोला, इसके बाद बाहर से ताला लटका दिया। मामले की जानकारी कोतवाली शहर और जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्रा को दी गई। वह मौके पर पहुंचे। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि महिला होमगार्ड की बहादुरी से महिला संवासनियों के भागने का प्रयास विफल हुआ। वह नाबालिग हैं।
इसके चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया जा सकता। तीनों के खिलाफ पुलिस को लिखित में दे दिया है। इंस्पेक्टर कोतवाली रवि त्यागी के अनुसार तीनों संवासनियों के खिलाफ प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच रिपोर्ट सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश की जाएगी।
विधि की छात्रा ने रची थी भागने की साजिश
पुलिस व प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि नारी निकेतन में बंद तीनों संवासनियों में से एक राया क्षेत्र की है, जोकि एक लड़के के साथ 27 फरवरी को परिवार को छोड़कर चली गई थी। यह शहर के एक कॉलेज की विधि प्रथम वर्ष की छात्रा है। जिस लड़के के साथ गई थी, वह 11वीं का छात्र है व उसका रिश्तेदार भी है।
29 फरवरी को मुकदमा राया थाने में दर्ज हुआ। 2 मार्च को उसे पुलिस ने बरामद किया। मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराने तक पुलिस ने उसे नारी निकेतन में ठहरवाया था। 2 मार्च को यहां आने के बाद उसकी मुलाकात रिफाइनरी और शेरगढ़ थाने द्वारा ठहराई गईं दो अन्य संवासनियों से हो गई।
तीनों ने भागने की साजिश रची, इसकी सूत्रधार राया की विधि छात्रा रही। पुलिस पूछताछ में उसने साफ तौर पर कहा कि उसे परिवार वालों के साथ नहीं जाना है। वह अपने प्रेमी से शादी करना चाहती है। इधर, रिफाइनरी पुलिस द्वारा भेजी गई संवासिनी ने भी परिवार के साथ जाने से मना कर दिया। इस पर उसे नोएडा बालिका बाल गृह भेजा गया। शेरगढ़ की संवासिनी के बयान होना बाकी हैं।