मथुरा। एक व्यक्ति का अधिकार दूसरे का कर्तव्य होता है। जब हम अपने अधिकारों की निरंतर मांग करते हैं और उसका पालन कराने की इच्छा रखते हैं, तो हमें अपने कर्तव्यों की ओर भी ध्यान रखना चाहिए। जब किसी व्यक्ति के अधिकार छिनने लगते हैं, उसके मन में विद्रोह की भावना उत्पन्न हो जाती है और वह लड़ाई का कारण बन जाता है। इसलिए हमें अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। उक्त विचार जनपद न्यायाधीश विवेक संगल ने श्री गिर्राज महाराज लॉ कॉलेज में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति में युवाओं का विशेष योगदान होता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से अधिकाधिक संख्या में दोनों पक्षों में बैठा कर आपसी समझौते के आधार पर फैसला कराया जाता है, जिसमें दोनों पक्षों की जीत होती है, न कोई हारता और न ही कोई जीतता है।
कार्यक्रम में अपर जिला जज रणधीर सिंह, अपर जिला जज हरी सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सोनिका वर्मा, स्थायी सदस्य लोक अदालत प्रतिभा शर्मा, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं विद्यालय संस्थापक डॉ. जीपी शुक्ला, लॉ फैकल्टी के चेयरमैन एसके राम, विद्यालय के निदेशक आशुतोष शुक्ला ने भी विचार व्यक्त किए। एसपी सिटी एमपी सिंह, नगर मजिस्ट्रेट जवाहर लाल श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।