सिंचाई विभाग अपर खंड एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम को हथिनीकुंड से 71225 क्यूसेक और ओखला से 42265 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गोकुल बैराज से 71225 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। जलस्तर बढ़ने से यमुना से सटे जयसिंहपुरा और वृंदावन की दर्जनों कॉलोनियां समेत निचले गांवों में यमुना का पानी घुसने लगा है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में पहले से ही यमुना का पानी भरा हुआ है।
आधा दर्जन गांव छिनपारई, अड्डा मीणा, फिरोजपुर, अड्डा मल्हान, मांगरखोर व अड्डा जाटव में कुछ घरों तक पानी पहुंच गया। सैकड़ों बीघा गेहूं, बाजरा, ज्वार व मूंगफली की फसल नष्ट होने के कगार पर है। नायब तहसीलदार राकेश उपाध्याय ने बताया कि शुक्रवार देर रात के बाद जलस्तर कम होने लगेगा।
चुनी से भरी गाड़ी पलटी
नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर यमुना पुल के समीप 3 से 4 फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है। इसी मार्ग पर छिनपारई प्याऊ के समीप 2 से ढा़ई फीट व गांव छिनपारई पर डेढ़ से 2 फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है। शुक्रवार सुबह एक चुनी से भरे आयशर कैंटर चालक ने पानी में से गाड़ी को निकालना चाहा, गाड़ी का पहिया सड़क से नीचे उतर गया, जिससे गाड़ी पलटने लगी।
सड़क सहारे पेड़ होने के कारण वह पूरी तरह नहीं पलट सकी। गाड़ी से 5-6 बोरी चुनी के नीचे गिरकर पानी में बह गये। क्रेन की मदद से गाड़ी को बाहर निकाला गया। इसके बाद एक पुलिसकर्मी भी बाइक सहित बहने लगा, जिसे मौजूद लोगों ने पकड़कर बचाया। पुल के समीप ट्रैक्टर चालक ट्राली में कार व बाइक को रखकर पार करा रहे हैं। इसकी एवज में बाइक से 50 रुपये व कार से 250 से 500 रुपये तक वसूल रहे हैं।
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