इधर, वादी के अधिवक्ता रमाकांत भारद्वाज ने बताया कि 2019 में रशियन दंपती का वीजा खत्म हो गया था। इसके बावजूद भी ये लोग यहां रह रहे थे। इसके अलावा इन्होंने वृंदावन में एक सात मंजिला इमारत बनाई जबकि विकास प्राधिकरण से इसका तीन मंजिल का ही नक्शा पास था। इसे बाद प्राधिकरण ने फेल कर दिया था। बावजूद रशियन दंपती ने कुछ यूक्रेनी नागरिक और कुछ भारतीयों को सौ रुपये के स्टांप पर नोटेड कर दिया है। यह लोग गलत तरीके से रह रहे हैं। इनको पुलिस ने विदेशी अधिनियम के तहत पकड़ा है।
एलआईयू टीम द्वारा दोनों विदेशी नागरिकों के संबंध में उच्चाधिकारियों से संपर्क किया तो पाया कि दोनों विदेशी नागरिकों का वीजा दो वर्ष पूर्व ही समाप्त हो चुका है। जिसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए इन्हें जेल भेजा है।- अजय कौशल, कोतवाली प्रभारी वृंदावन
कई मामलों में हैं नामजद
बिल्डिंग में दो साल पहले लगी आग के मामले में दंपती के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। 25 सितंबर, 2020 को अग्निशमन अधिकारी संजय जायसवाल ने दर्ज कराया था। वहीं एक और मुकदमा इन्हीं की बिल्डिंग में रहने वाले अलेक्जेंडर मायगकोव ने दर्ज कराया था। इसके अलावा रशियन बिल्डिंग निर्माण में अनियमितता करते हुए विप्रा द्वारा नक्शे में पास तीन मंजिला इमारत के बावजूद चार मंजिल तक इमारत निर्माण का मुकदमा भी अदालत में चल रहा है। एक वर्ष पूर्व सातवीं मंजिल से विदेशी महिला की गिरकर हुई मौत के मामले में भी जांच चल रही है।
रशियन दंपती के खिलाफ शिकायत पर जांच करने गई टीम पर दोनों ने हमला किया था। दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।- प्रवीण मलिक, सीओ सदर