वृंदावन (मथुरा)। श्रीबांकेबिहारी की नगरी वृंदावन इन दिनों दमघोंटू प्रदूषण की चपेट में है। लाखों की संख्या में हर रोज आ रहे है श्रद्धालुओं के लिए भी बड़ा संकट है। जगह-जगह उड़ रही धूल, जाम लगने पर वाहनों से निकलने वाला धुआं व आसपास जलाई जा रही पराली भी प्रदूषण को बढ़ाने में मदद कर रही है। शुक्रवार को लोगों ने जब आंखें खोली तो सवेरे से ही वातावरण में धुंध छाई मिली और आंखों में जलन की भी शिकायत मिली।
दरअसल, वृंदावन में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। हालात दिनों दिन बिगड़ रहे हैं। वृंदावन के बढ़ते प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। नगर निगम प्रशासन कुछ स्थानों पर पानी का छिड़काव भी करा रहा है लेकिन उससे कुछ होने वाला नहीं है। एक तरह श्रीबांकेबिहारी समेत यहां के विभिन्न मंदिरों में आए श्रद्धालु के साथ ही ब्रज रज उत्सव में भी हजारों की संख्या में लोग आ रहे हैं।
एक्यूआई ५०० के आसपास है, जो सेहत के लिए बेहद ही खतरनाक है। उधर, नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि सड़क पर पानी का छिड़काव लगातार कराया जा रहा है, साथ ही रात के वक्त टीम उन स्थानों पर निगरानी रख रही है, जहां पर कूड़ा जलाने की शिकायतें मिल रही हैं।
आपको क्या करना है, क्या नहीं
- प्रदूषण के कारण सांस लेने में दिक्कत, गले में खरास की शिकायतें आ रही हैं। उन्हें ज्यादा सावधानी बरतनी है।
- जो लोग सवेरे और शाम को टहलने जाते हैं, बीमार लोग घर में ही रहें और जो निकल रहे हैं, अच्छी क्वालिटी का मास्क पहनें।
- घर की खिड़कियों को बंद रखना ही बेहतर रहेगा, घर में प्रदूषण को कम करने वाले उपकरणों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- अगर बागवानी का शौक हो तो घर के अंदर व बाहर पौधे लगाएं, प्रदूषण कम करने में मदद करेंगे।
- अगर किसी व्यक्ति को कोई घाव है तो उसे खुला न छोड़ें, पट्टी बांधकर रखें।
- तेज हवाएं चलने पर ही प्रदूषण कम हो सकता है, क्योंकि जहरीले धूल के कण वातावरण में काफी ऊंचाई तक फैल चुके हैं।
- डॉ. पीयूष चतुर्वेदी, मेडिकल ऑफिसर संयुक्त जिला अस्पताल
यमुना में भी बढ़ा प्रदूषण का स्तर, मृत मिलीं मछलियां
वृंदावन की आवो हवा में ही नहीं यमुना के जल में भी प्रदूषण बढ़ा है। प्रदूषित हो रही यमुना में जहरीले पानी के चलते शुक्रवार को बिहारघाट पर सैकड़ों मछलियां गईं। सुबह परिक्रमार्थी जब यमुना स्नान के लिए पहुंचे तो इसका पता चला। यमुना किनारे परिक्रमार्थियों का उमड़े हुजूम ने मृत मछलियों को देखकर यमुना का आचमन तक नहीं लिया। इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुईं। महेश बघेल, सियाराम सैनी का कहना है कि यमुना में बढ़ते प्रदूषण के चलते पानी जहरीला हो रहा है। इसी के चलते मछलियों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ रहीं हैं।