मथुरा। पहले दो बच्चों की लाश मिली, इसके बाद एक महिला का शव भी बरामद हुआ। पोस्टमार्टम में तीनों की गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। इस घटना के नौ दिन बाद भी कोई शिनाख्त के लिए नहीं पहुंचा। पुलिस ने तीनों के मां और बेटे होने की आशंका में डीएनए के लिए सैंपल भी भेजा है। पुलिस यह भी कह रही है कि कहीं पूरे परिवार का ही खात्मा तो नहीं कर दिया गया और मां-बेटों के साथ ही पति की भी हत्या कर दी हो और शव कहीं दूर जाकर फेंक दी हो। इसी कारण पहचान में देरी हो रही है।
दो नवंबर को नौहझील क्षेत्र के यमुना एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन ७८ और सुरीर थाना क्षेत्र के माइल स्टोन ७४ पर अलग-अलग दो बच्चों के शव मिले थे। उसके दो दिन बाद ही चार नवंबर को बलदेव थाना क्षेत्र के माइल स्टोन १२९ पर महिला का शव मिला। मामले को एक हफ्ते से ज्यादा बीत गया इसके बाद भी अब तक तीनों की शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस की कार्यक्षमता पर सवाल उठ रहा है।
पुलिस ने पहचान कराने के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों के अलावा सोशल मीडिया पर शवों की पहचान के लिए फोटो पोस्ट कर दिए हैं। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने पूरे परिवार को ही मार डाला हो और परिवार मेें पहचान करने वाला ही कोई नहीं है। अगर आसपास का परिवार होता है तो अब तक जरूर कोइ र्िशनाख्त के लिए पहुंच जाता। हत्यारे दिल्ली की तरफ से ही आए हैं और शवों को फेंकते चले गए। हालांकि पुलिस ने अलग-अलग थानों में हत्या के मामले दर्ज किए हैं। डीएनए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
शिनाख्त के लिए पुलिस की टीमें जुटी हैं। पहचान होते ही हत्या का मामला खुल सकेगा। पुलिस हर दृष्टिकोण से जांच कर रही है। इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि तीनों शव एक ही परिवार के हों। पुलिस जांच में इस बिंदु पर भी काम कर रही हैं कि परिवार को ही खत्म कर दिया गया हो, अब कोई शिनाख्त करने वाला ही न हो।
-श्रीशचंद, एसपी देहात मथुरा