गोवर्धन (मथुरा)। रामलीला कमेटी द्वारा रामलीला महोत्सव के अंतर्गत सेतुबंध लीला का मंचन मानसी गंगा के बंगाली घाट पर किया गया। इससे पूर्व बुद्धा वाली कुंज में विभीषण शरणागति लीला का मंचन किया गया।
लीला का शुभारंभ हनुमान बाग के महंत सियाराम दास व नृत्यगोपाल शर्मा ने आरती उतारकर किया। चकलेश्वर स्थित गिरधर गोपाल प्राचीन बुद्धा वाली कुंज में विभीषण शरणागत लीला का मंचन किया गया। उसके उपरांत मानसी गंगा बंगाली घाट पर भगवान श्रीराम ने रामेश्वरम की स्थापना कर नावों का पुल बांधा। राम, लक्ष्मण व वानर सेना पुल से समुद्र पार कर लंका पहुंचे।
मानसी गंगा में सेतुबंध लीला में चौपाइयों के गायन ने समूचे माहौल को भक्तिमय कर दिया। जमुना मोहन मंदिर में बनाई गई लंका को भव्य तरीके से सजाया गया। आतिशबाजी की गई। सेतु गिरि की पौड़ी घाट, चिड़िया घाट, महल घाट, सूरज घाट होते हुए जमुना मोहन घाट पर पहुंचा।
इससे पूर्व बुद्धा वाली कुंज में नृत्य गोपाल शर्मा, कमेटी अध्यक्ष गौतम खंडेलवाल, विष्णु सेठ, लछमन मुखिया, गर्व भारद्वाज ने भगवान श्रीराम जी की आरती उतारी तथा अखिल भारतीय निर्मोही अखाड़ा सीताराम मंदिर के संतों ने राम जी की झांकी की आरती उतारी। इस अवसर पर ठा. नेत्रपाल सिंह, ठा. फतेह सिंह, पुरुषोत्तम शर्मा, रामलीला कमेटी अध्यक्ष गौतम खंडेलवाल, विष्णु सेठ, कान्हा मुखिया, लछमन मुखिया, केशव आदि मौजूद थे।