ट्रेन में भीख मांग रहे दो बच्चों को आरपीएफ की टीम ने देखते ही टोक दिया। उनसे पूछा कि भीख क्यों मांग रहे हो। इस पर मासूमों ने अपनी मां की ओर इशारा किया। महिला से पूछताछ में हैरान कर देने वाली हकीकत सामने आई
कान्हा की धरा पर रविवार को मां पढ़ने की उम्र में बच्चों से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में भिक्षावृत्ति कराती मिली। यह देखकर चेकिंग कर रही आरपीएफ की टीम ने जब बच्चों से पूछताछ की तो उन्होंने मां की ओर इशारा किया। दोबारा भीख न मंगवाने व स्कूल भेजने की शर्त पर बच्चों को मां के सुपुर्द कर दिया।
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आरपीएफ के थाना प्रभारी अवधेश गोस्वामी ने बताया कि छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में एएसआई उमेश गौतम व सतीश कुमार, आंचल तोमर कोसीकलां से चेकिंग करते हुए आ रहे थे। इस दौरान ट्रेन के सामान्य कोच में दो नाबालिग बच्चे झाड़ू लगाकर लोगों से पैसे मांगते दिखे। टीम के सदस्यों ने बच्चों से प्यार से पूछताछ की तो उन्होंने कुछ दूर खड़ी महिला की तरफ इशारा किया।
बताया कि यह उनकी मां है। टीम के सदस्याें ने ट्रेन के जंक्शन पर पहुंचते ही दोनों बच्चे व मां को उतारकर चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्यों को जानकारी दी। टीम के सदस्यों ने बताया कि बेटी की उम्र 6 वर्ष व बेटे की उम्र 4 वर्ष है। पूछताछ में बच्चे बोले कि मां ट्रेन में झाडू लगवाने के लिए ले जाती थी और ट्रेन में लोगों से रुपये मांगने के लिए कहती थी।
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पिता को लग गई है नशे की लत
पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उनके पिता कुछ नहीं करते हैं। वह नशे के आदी है। वह दोनों छोटे हैं इस कारण यात्री उन्हें रुपये दे देते थे। मां इस रकम से परिवार का खर्चा चलाती थी।