मथुरा। बिजली और सिंचाई के पानी की मांग को लेकर किसानों ने मंगलवार को डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तीन दिन मेें अमल नहीं किया गया तो वह २२ अप्रैल को यमुना एक्सप्रेसवे जाम कर देंगे। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
पिछले दिनों से किसानों को बिजली और सिंचाई के पानी जैसी समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। इस संबंध में वे लगातार प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी दे रहे हैं। मंगलवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली मेें भरकर किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम नवनीत सिंह चहल की गैर मौजूदगी मेें एसडीएम श्वेता सिंह को नौ सूत्री मांगों का ज्ञापन दिया।
भारतीय किसान यूनियन अंबाबता के जिला अध्यक्ष मथुरा राजकुमार तोमर ने बताया कि यदि प्रशासन ने तीन दिन के अंदर हमारी मांगे नहीं मानी तो वह गढ़सौली के निकट एक्सप्रेसवे पर जाम लगाएंगे। इस दौरान मंडल अध्यक्ष लेखराज पहलवान, लालसिंह तोमर, अवधेश रावत, उदयवीर सरपंच, अंशू नौहवार, चंद्रपाल सिकरवार, सोनवीर प्रधान,शिवकुमार तोमर, ओमप्रकाश, अजय, सरपंच, मुकेश, थोलू पहलवान, मुकेश रावत, बिल्ला सिंह नेताजी लाल सिंह तोमर,संदीप संतलाल छोंकर, राजाराम, जितेंद्र तोमर, खुशी पहलवान, हरपाल सिंह, रामेश्वर चौधरी अर्जुन सिंह, कौशल सिकरवार, अजय सिकरवार मौजूद रहे।
ज्ञापन में प्रमुख मांगे
- बिजली चेकिंग के नाम पर किसानों के उत्पीड़न पर रोक।
- खुले में घूम रहे पशुओं की व्यवस्था हो।
- सिंचाई की खातिर कम से कम १८ घंटे बिजली।
- किसान सम्मान निधि के नाम पर अवैध वसूली पर रोक।
- तालाबों मेें पानी छोड़ा जाए।