बांके बिहारी मंदिर: आराध्य के दर्शन से पहले भीड़ के दबाव में चीख पढ़े बच्चे-महिलाएं
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हालांकि पुलिस ने जगह-जगह श्रद्धालुओं को रोकते हुए मंदिर ओर जाने दिया। इसके बावजूद मंदिर के सभी रास्ते श्रद्धालुओं की भीड़ से चोक हो गए। मंदिर के द्वार से पांच सौ मीटर की दूरी ढाई से तीन घंटे में श्रद्धालुओं ने तय की। इस बीच हर कोई भक्त किसी न किसी तरह मंदिर के द्वारा तक पहुंचने की कोशिश में लगा आया। भीड़ के दबाव के बीच बच्चे रोने लगे।
श्रद्धालु पसीना से तरबतर हुए। महिलाओं को भी हालत भीड़ के दबाव के कारण पस्त हो गई। घंटों इंतजार के बाद धक्का खाने के बाद श्रद्धालुओं को बांकेबिहारी के दर्शन हो सके। आराध्य के दर्शन के लिए संघर्ष का यह क्रम देर शाम तक मंदिर के पट बंद होने तक जारी रहा।
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मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया क लगातार चार दिन की छुट्टी हो जाने से बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए। लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। जबकि कनागत के समय श्रद्धालुओं की संख्या कम हो जाती है, लेकिन इस बार कनागत में भी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में किसी तरह की कमी नहीं आई।