मथुरा। लंबी चौड़ी उपलब्धियां गिनाने वाले ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा सही मायने में न तो सच्चे जनप्रतिनिधि साबित हुए और ना ही निष्ठावान ऊर्जा मंत्री। वह ऊर्जा मंत्री के रूप में तो कतई फेल साबित हुए। विभाग 90 हजार करोड़ के घाटे में चला गया। जनता मीटर की रीडिंग से कराह रही है। विभाग के संविदाकर्मियों का फंड गायब हो गया।
उन्होंने कहा कि धरने पर बैठे कर्मचारियों की कतई सुनवाई तक नहीं हो रही है। यह आरोप पूर्व सीएलपी लीडर प्रदीप माथुर ने प्रेस वार्ता में लगाए। उन्होंने बताया कि वह कभी जनता के बीच नहीं गए। अब जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं तो अपनी उपलब्धियां बता रहे हैं। माथुर ने कहा कि ऊर्जा मंत्री ने उपलब्धियां भी अपनी नहीं बताई जा रही हैं। वह भी दूसरे विभागों के कामों का श्रेय ले रहे हैं। मथुरा विधानसभा क्षेत्र में वह आज तक एक भी विकास योजना नहीं ला सके।
उन्होंने बताया कि आधे मथुरा को तीर्थ स्थल घोषित करना ब्रजवासियों के साथ मजाक जैसा है। यमुना शुद्धीकरण का दावा करने वाले ऊर्जा मंत्री को यमुना मैया कभी माफ नहीं करेगी। पूर्व विधायक ने ऊर्जा मंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पांच साल तक उनके स्थान पर उनके भाई और भांजे जनता को भ्रमित करते रहे।