उधर, बच्ची के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों में अफरातफरी मच गई। पड़ोसियों के यहां पता किया, आसपास में भी तलाश, लेकिन कहीं पता नहीं चला। काफी देर बात बच्ची बदहवास हालत में घर पहुंची। उसके कपड़े खून से सने थे। यह देख परिवार वाले सन्न रह गए। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे आगरा रेफर कर दिया।
सहमी बच्ची, पुलिस को कुछ न बता सकी
वारदात के बाद पुलिस ने बच्ची को रात में ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उससे घटनाक्रम के बारे में जानने की कोशिश की, लेकिन वह खुद के साथ हुई दरिंदगी से इतना सहम गई कि कुछ भी बताने के बजाए रोने लगी। वारदात को देखते हुए पुलिस गांव के ही व्यक्ति शक जता रही है।
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पुलिस के अनुसार जिस रास्ते से बच्ची को ले जाया गया, वह भीड़भाड़ वाला है। वहां कई दुकानें हैं। पुलिस का मानना है कि ऐसी स्थिति में यह संभव नहीं है कि किसी ने बच्ची को ले जाते हुए न देखा हो। पुलिस पूछताछ में दुकानदारों से लेकर गांव वाले तक चुप्पी साधे हुए हैं। कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं है। पुलिस को शक है कि भलाई-बुराई के चलते लोग चुप्पी साधे हैं।
संदिग्ध हिरासत में लिए, पूछताछ जारी
पुलिस ने गांव के कुछ नशेबाज, खुराफाती संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। इसके अलावा पुलिस गांव के घर-घर में इस बात की तफ्तीश कर रही है कि किसी के घर कोई रिश्तेदार तो नहीं आया था, जो इस वारदात को अंजाम देकर भाग गया हो।
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