सांसद हेमा मालिनी। (फाइल फोटो)
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इन दिनों वृंदावन की कुंज गलियों से लेकर हाइवे से सटी बड़ी कालोनियों में एक ही मुद्दा मुखर है। वह यह प्रस्तावित कॉरिडोर और मंदिर न्यास है। जिस दिन से अध्यादेश आया तो विरोध के स्वर उठने शुरू हो गए हैं। कभी विरोध के स्वर तेज हुए तो कभी धीमे हैं। अब ताजा मामला सांसद हेमा मालिनी का है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ उनके बयानों को वीडियो वृंदावन के लोगों में आक्रोश पैदा कर रहा है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके बयान का विरोध किया है।
गौरतलब है कि सांसद हेमा मालिनी की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें वह कह रही हैं कि कॉरिडोर तो बनकर रहेगा और जरुर बनकर रहेगा। जो विरोध कर रहा है, वह वृंदावन को छोड़कर कहीं और चले जाएं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ तो ब्रज के लोगों ने सोशल साइट्स पर ही उनके बयान की निंदा की। कईयों तो कई तरह के कमेंट्स किए।
बांकेबिहारी कॉरिडोर के लिए 2023 का सर्वे बना आधार
प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 2023 में हुए सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अब तक करीब 70 भवनों का सत्यापन हो चुका है। पूर्व में करीब 275 भवन और दुकानों को चिन्हित किया गया था। प्रशासन ने इन भवनों का फिर से सत्यापन कराने की योजना बनाई है।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर गलियारे को लेकर प्रशासन व सेवायतों के गतिरोध के बीच सर्वे के सत्यापन का कार्य जारी है। जनवरी 2023 में हुए सर्वे में कॉरिडोर के दायरे में 275 भवन आ रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट से निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद कॉरिडोर से प्रभावित होने वाले लोगों ने प्रशासन से फिर से सर्वे कराने की मांग की थी।
जिला प्रशासन ने 2023 में हुए सर्वे रिपोर्ट के आधार सत्यापन कराने की योजना बनाई है। एडीएम एफआर डा़ॅ पंकज वर्मा ने बताया कि सर्वे के दायरे में आए भवनों का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन टीम के एक दर्जन सदस्य डोर-टू-डोर सर्वे कर रहे हैं। 2023 के सर्वे में 275 भवन गलियारे के दायरे में आ रहे थे, उन्हीं का सत्यापन किया जा रहा है। अब तक 70 भवनों का सत्यापन हो चुका है। सत्यापन में भवनों की मौजूदा स्थिति, कुल क्षेत्रफल, दिशाएं, मालिकाना हक, उसमें रहने वाले किरायेदार आदि की जानकारी ली जा रही है।
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