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यमुना की दुर्दशा से सांसद को अवगत कराया

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वृंदावन। यमुना प्रदूषण और विकास की आड़ में यमुना के धार्मिक महत्व के घाटों को नष्ट होने से रोकने के लिए मंगलवार को विश्वधर्म रक्षक दल के अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी ने सांसद हेमा मालिनी से उनके वृंदावन स्थित आवास पर मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कहा है कि मथुरा में श्रीकृष्ण का जन्मस्थान है और यमुनाजी उनकी पटरानी शास्त्रों एवं वेदों में वर्णित हैं। यहां यमुना का बड़ा तीर्थ स्थल के साथ-साथ यमुना के तट पर प्राचीन काल से 25 घाट बने हुए है। सभी घाटों का अपना महत्व है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि इन घाटों को कुछ लोग हरियाली के नाम पर मिटा रहे हैं। पुराने घाटों के आगे 30 फुट ऊंची सड़क बनाकर यमुना को दूर किया जा रहा हैं। इस कारण शमशान घाट, ध्रुवघाट, सूर्यघाट, मर्कंडिका घाट, कंस किला घाट, कृष्ण गंगा घाट आदि के अस्तित्व पर खतरा हो गया है। पुराने घाट गंदे तालाबों में तब्दील हो गए हैं। यमुना नदी में एक बूंद भी शुद्ध जल उपलब्ध नहीं है।
गंदे नाले सीधे यमुना में गिर रहे हैं। श्रद्धालु जब अपनी आंखों के सामने गंदे जल को सीधे यमुना में गिरते देखते हैं तब उनकी भावनाओं पर गहरा आघात पहुंचता हैं। दूषित जलापूर्ति से नई बीमारियों का जन्म हो रहा है। सांसद ने आश्वासन दिया की वह जल्दी ही नगर निगम, यमुना मिशन की टीम और विश्वधर्म रक्षक दल को बुलाकर बैठक करेंगी। प्रतिनिधि मंडल में अमित राजू चतुर्वेदी आकाश, मालाराम शास्त्री, दीपक शास्त्री, उपेंद्र चतुर्वेदी, डोले मोहल्लेदार , बंशीबाला, सुमित एवं राजीव आदि थे।
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अक्तूबर में बंद हो जाएंगे नाले गिरने
हेमा मालिनी ने बताया कि यमुना प्रदूषण मुक्त के लिए केंद्रीय मंत्रियों से लगातार बात हो रही है। अक्तूबर से यमुना में गिरने वाले नाले बंद हो जाएंगे। साथ ही केंद्र सरकार से बात की जा रही है कि दिल्ली से भी यमुना में प्रदूषित पानी नहीं आना है। साथ ही हथिनीकुंड से पानी भी लगातार यमुना में आना चाहिए। उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रदेश व केंद्र सरकार के संपर्क में हैं।
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