सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 26 अगस्त की रात को फरह क्षेत्र के विभिन्न गांव के लोगों की कुट्टू के आटा की पूड़ी-पकौड़ी के सेवन के बाद तबीयत बिगड़ गई थी। 27 अगस्त को विभाग की टीम ने विक्रेता राकेश गोयल, बरौदा मसरकपुर, परखम, फरह और अमित अग्रवाल, परखम चौराहा, फरह के प्रतिष्ठान से सैंपल भरा था।
साथ ही गोविंद नगर के रमन टावर स्थित शाहगंज गेट से अंकुर अग्रवाल की अंकुर ट्रेडिंग कंपनी, कृष्णापुरम, बिरला मंदिर के पास रहने वाले नवीन अग्रवाल के घियामंडी चौक स्थित चौधरी किराना स्टोर, वाल्मीकि नगर निवासी अनबर के बृजवासी गुड वाले, गल्ला मंडी प्रतिष्ठान से कुट्टू के आटे के सैंपल लिए गए थे।
इनकी जांच आगरा स्थित राजकीय खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला में हुई। जांच में पाया गया है कि आटा में चूहे, गिलहरी जैसे जानवरों का मलमूत्र मिला था। संभव है कि आटा की पिसाई के दौरान कुट्टू को ठीक से साफ नहीं किया गया, जिसके कारण यह मलमूत्र इसमें पिस गया। इसके चलते आटा दूषित हुआ और इसके सेवन से लोग बीमार हो गए।
कोई भी दुकानदार खुला आटा बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है। वह किसी भी प्रकार से कुट्टू का आटा नहीं बेचेंगे। अगर, उन्होंने आदेश की अवहेलना की तो उनके खिलाफ इससे संबंधित धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।