उत्तर प्रदेश महिला कल्याण निगम की नवनियुक्त मोनिका एस गर्ग ने शुक्रवार को वृंदावन के महिला आश्रय सदनों का निरीक्षण किया। महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
लगभग 3 करोड़ की लागत से चैतन्य बिहार आश्रय सदन में कराए जा रहे जीर्णोद्धार कार्य की प्रगति भी जानी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मिल रही सुविधाएं कम नहीं हैं लेकिन इनको और बेहतर बनाने की जरूरत है। बोलीं, आश्रय सदनों में किसी को राजनीति नहीं करने दी जाएगी
मोनिका एस गर्ग शुक्रवार को दोपहर 1 बजे आश्रय सदन पहुंचीं। यहां महिलाओं के कमरों में जाकर उनके रहन-सहन के बारे में पता किया। खान-पान संबंधी जानकारी ली और बेहतर सुविधाओं का भरोसा दिलाया और आश्रय सदन में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
निगम उन्होंने कहा कि माताओं की बुरी हालत मत करो। काम बढ़ाओ नहीं, जल्द से जल्द निपटाओ। मोनिका एस गर्ग ने प्रथम ब्लॉक का कार्य 30 जून तक और पूरे सदन का काम नवंबर 2016 तक पूरा कर देने की बात कही। सदन में सीढ़ियों की बजाय रैंप बनाने का आदेश दिया। जिससे महिलाओं को उतरने-चढ़ने में परेशानी न हो। कमरों में ऐसे टाइल्स लगाने को कहा जिन पर फिसलन न हो। बरामदों में कोटा मार्बल्स लगवाने पर बल दिया।
निरीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए हैल्पेज इंडिया और सुलभ इंटरनेशनल से वार्ता की जा रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने महिलाओं का भत्ता 550 से बढ़ाकर 4500 कर दिया है। और क्या कर सकते है, वह भी करेंगे। इस अवसर पर डीपीओ ओमप्रकाश सिंह, निगम के महाप्रबंधक एमके सिंह, एमपी शर्मा आदि उपस्थित रहे।