मथुरा। 1.05 करोड़ रुपये की लूट के खुलासे में जुटे तेज तर्रार 125 इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही तीसरे दिन भी नाकाम ही रहे। अभी तक पुलिस लुटेरों को पकड़ना तो दूर उनका सुराग भी नहीं लगा सकी है। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की सीडीआर भी पुलिस के लिए फिलहाल नाकाफी ही साबित हो रही है। दावा जरूर किया जा रहा है कि जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा। बुलियन कारोबारी लूट की घटना से पहले 43 लाख रुपये बैंक में जमा करा चुके थे।
16 अगस्त की सुबह 10:30 बजे शहर की चौकी बाग बहादुर से 50 मीटर की दूरी पर बुलियन कारोबारी (ठोस सोना-चांदी कारोबार) अंकित बंसल से 1.05 करोड़ रुपये की लूट से सनसनी फैल गई थी। कारोबारी स्टेट बैंक में यह धनराशि जमा कराने जा रहा था। मथुरा के इतिहास में सबसे बड़ी वारदात की सूचना पाते ही आईजी नवीन अरोरा और एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर समेत पुलिस अफसर पहुंच गए।
आईजी आगरा जोन ने लूट के खुलासे के लिए तेज तर्रार 125 इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाहियों को लगाया है। इन तीन दिनों में करीब 52 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जबकि 120 मोबाइल की सीडीआर (कॉल डिटेल) निकाली गईं। इनमें अभी तक पुलिस के हाथ कुछ भी खास नहीं लगा है। जबकि पुलिस की 10 टीमें लगातार छापा मार रही हैं। एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि लुटेरे भी पकड़े जाएंगे। लूटी गई धनराशि की भी शत-प्रतिशत बरामदगी होगी। इसमें मिलीभगत भी हुई तो वह उजागर होगी।
आधे घंटे पहले बैंक में जमा कराए थे 43 लाख रुपये
1.05 करोड़ रुपये लुटने से आधे घंटे पहले स्टेट बैंक में अंकित बंसल और मुकुल अग्रवाल ने 43 लाख रुपये जमा कराए थे। यह रकम कालिंदी ट्रेडर्स के खाते में जमा कराई गई थी। मुकुल बैंक में रह गया तो अंकित दोबारा मंडीरामदास की गली रामपाल अपने फूफा राजू रद्दी के घर 1.05 करोड़ रुपये से भरा बैग लेने गया। चौकी बाग बहादुर से 50 मीटर की दूरी पर यह यह बैग बाइक सवार चार लुटेरों ने लूट लिया। पहले स्कूटी को गिराकर हथियारों के बल पर यह लूट की गई।