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Mainpuri News: युवती के अपहरण का आरोपी अदालत से हुआ बरी

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मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र से पांच साल पहले एक युवती का अपहरण करने वाला आरोपी अदालत से बरी कर दिया गया है। युवती पर शादी करने को उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह घटना को साबित नहीं कर सके। एफटीसी (फास्ट ट्रैक कोर्ट) प्रथम के जज विष्णु कुमार मिश्रा ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
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थाना कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले की रहने वाली एक युवती आठ नवंबर 2020 की रात को घर से चली गई थी। युवती के भाई ने नौ नवंबर को कोतवाली में बहन के गायब हो जाने की सूचना दी। तलाश के बाद पता चलने पर आशू मंसूरी उर्फ आशिक खां निवासी मदार गेट सोतियाना थाना कोतवाली के खिलाफ युवती का अपहरण करने की रिपोर्ट लिखा दी। रिपोर्ट में बताया कि आशू ने अपना नाम अरविंद तिवारी बताया था। वह घरों में आरओ के पानी के आपूर्ति करता था। आशू युवती को साथ ले गया था।
पुलिस ने युवती को बरामद करने के बाद उसका मेडिकल कराकर मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराए। युवती ने बयानों में बताया कि आशू उसको दिल्ली ले गया था। दिल्ली में उसको पता चला कि आशू मुसलमान है। तो उसने शादी करने से मना कर दिया। इस पर आशू ने धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया। तो वह दिल्ली से आशू को बिना बताए मैनपुरी आ गई थी। पुलिस ने आशू के खिलाफ युवती का अपहरण करके शादी करने को उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोप में चार्जशीट न्यायालय में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम के जज विष्णु कुमार मिश्रा के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता सहित पांच गवाहों ने न्यायालय में गवाही दी। अभियोजन पक्ष के गवाह घटना को साबित नहीं कर सके। एफटीसी प्रथम के जज विष्णु कुमार मिश्रा ने युवती का अपहरण करके उस पर शादी करने को धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप साबित नहीं होने पर आशू मंसूरी उर्फ आशिक खां को संदेह का लाभ देते हुए दोनों आरोपों से बरी कर दिया है।
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