कार्यक्रम में बोलते संस्थापक केएन गोविंदाचार्य
- फोटो : MAHOBA
महोबा। देश के प्रसिद्घ विचारक व राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संस्थापक केएन गोविंदाचार्य शुक्रवार को यमुुना दर्शन यात्रा व प्रकृति केंद्रित विकास संवाद कार्यक्रम के तहत महोबा पहुंचे। इस दौरान वह शहर के मां चंद्रिका महिला महाविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। जहां उन्होंने जलाशय, पौधरोपण व गोरक्षा की जरूरत बताई।
कार्यक्रम में संस्थापक गोविंदाचार्य ने कहा कि प्रकृति केंद्रित विकास ही विकास का सही मॉडल है। भारत की तो असली ताकत ही प्रकृति और पर्यावरण हैं। इनकी अनदेखी करके विकास की जो कहानी लिखने की कोशिश की जाएगी। उसमें पर्यावरणीय चक्र का बिगड़ना, प्राकृतिक संतुलन खराब होना और प्राकृतिक आपदाओं का प्रकोप बढ़ना स्वाभाविक है।
बताया कि यमुना दर्शन यात्रा में 17 लोग शामिल हैं। विकास की संकल्पना में मूलभूत बदलाव लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। योजनाएं सही न होने के कारण गाय सड़कों पर है। कार्यक्रम से महाविद्यालय की छात्राओं ने गोविंदाचार्य का माल्यार्पण किया।
इस दौरान आल्हा गायक दीक्षा, प्रतीक्षा, राजपाल व द्वारिका प्रसाद ने आल्हा गायन की प्रस्तुति दी। इस मौके पर कॉलेज के प्रबंधक अरविंद सिंह, प्राचार्या ज्योति सिंह, समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी, लायक सिंह, अभयवीर, शिवम विश्वकर्मा, संजय परमार, जगभान सिंह आदि मौजूद रहे।