महोबा। विधानसभा निर्वाचन की मतगणना के लिए बुधवार को कलक्ट्रेट में कार्मिकों को द्वितीय व अंतिम प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. चित्रसेन सिंह ने बताया कि मतगणना में वीवीपैट की गिनती ही अंतिम होगी। ये नियम तब लागू होगा जब ईवीएम के कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट की गिनती में कोई भिन्नता हो।
दस मार्च को राजकीय पॉलिटेक्निक में दो विधानसभा सीटों के लिए मतों की गणना होगी। इसमें ईवीएम से वोटों की गिनती के लिए दो सौ कार्मिक लगाए हैं। महोबा में 26 व चरखारी में 31 राउंड में मतों की गिनती पूरी होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलट की गणना शुरू होगी। इसके बाद ईवीएम के मतों की गणना की जाएगी।
सीडीओ डॉ. हरिचरन सिंह ने बताया कि गणना के लिए दोनों विधानसभा सीटों के लिए 14-14 टेबल लगेगी, दो टेबल पोस्टल बैलेट की गणना के लिए लगेंगी और एक ईटीपीएस के लिए लगेगी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले कंट्रोल यूनिट से प्रत्याशियों को मिले वोटों की जानकारी दी जाएगी। सभी अभिकर्ताओं के संतुष्ट होने पर दूसरी कंट्रोल यूनिट लाने के लिए विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दूसरी कंट्रोल यूनिट तभी लाई जाएगी जब सभी टेबलों पर पहले से मौजूद कंट्रोल यूनिट से वोटों की गिनती कर ली गई हो और उस पर किसी को कोई आपत्ति न हो।
आपत्ति की दशा में आरओ और प्रेक्षक करेंगे निर्णय
मतगणना के दौरान अगर किसी गणना अभिकर्ता या प्रत्याशी को मतों की गिनती को लेकर कोई आपत्ति है तो उसका निदान गणना टेबल पर नहीं होगा। इसके लिए अभिकर्ता, गणना सुपरवाइजर को कंट्रोल यूनिट के साथ आरओ टेबल पर जाना होगा। यहां प्रेक्षक की मौजूदगी में आरओ ही आपत्ति का निर्णय करेंगे। जब तक ये निर्णय नहीं हो जाता है तब तक दूसरी टेबलों पर भी गिनती के लिए नई कंट्रोल यूनिट नहीं लाई जाएगी।
विजयी प्रत्याशियों को सुरक्षा देगा प्रशासन
महोबा। जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि विजयी उम्मीदवार को उनके स्थान तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। जिसको लेकर महोबा विधानसभा सीट के लिए एसडीएम अरुण दीक्षित और चरखारी विधानसभा के लिए एसडीएम राकेश कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, अन्य अधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।