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मजदूरों के परिजनों को लाखों देकर करा दिया जाता है शांत

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कबरई (महोबा)। पत्थरमंडी कबरई स्थित पहाड़ों व क्रशर प्लांटों में काम करने के दौरान श्रमिकों की मौत होने पर उनके परिजनों को लाखों रुपये देकर शांत करा दिया जाता है। रुपये मिलते ही परिजनों के बयान बदल जाते हैं। किसी को पांच लाख तो किसी सात लाख रुपये देकर राजीनामा लिखवा लिया जाता है। कोई कार्रवाई न होने से पट्टाधारक नियमों की अनदेेखी कर खनन कार्य को अंजाम देते हैं।
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दो दिन पहले कस्बे के झलकारी बाई नगर स्थित घुरघुरु पहाड़ में काम करते समय श्रमिक चंदू कुशवाहा की गिरकर मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के पिता ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था लेकिन बाद में परिजन राजीनामा के लिए तैयार हो गए। मृतक के भाई पूरन कुशवाहा ने बताया कि पहाड़ संचालकों ने सात लाख रुपये देकर राजीनामा लिखवा लिया है। यह मामला महज बानगी है। इससे पहले 12 जून 2020 को पहरा गांव स्थित डिगरा पहाड़ में बिजली चमकने से ब्लास्टिंग होने पर तीन श्रमिकों को बालचंद, बुद्धू व बालकिशन की मौत हो गई थी। इस मामले में पहाड़ संचालकों ने तीनों परिजनों के मृतकों को पांच-पांच लाख रुपये देकर मामला रफा दफा करा दिया था। 28 अक्तूबर 2020 को महोबा रोड स्थित क्रशर प्लांट के पट्टे में फंसकर रामवती की मौत होने पर परिजनों को तीन लाख रुपये देकर राजीनामा लिखवा लिया गया था।
आठ जनवरी 2021 को डिगरा पहाड़ में छेद करते समय श्रमिक चुन्नू कुशवाहा की मौत होने पर पट्टाधारक ने दस लाख रुपये देकर परिजनों को शांत करा दिया जबकि घायल भाई मातादीन को दो लाख रुपये दिए गए। लोगों का कहना है कि यदि मानकों की अनदेखी कर खनन कार्य कराने वाले पट्टाधारकों पर कार्रवाई की जाए और सुरक्षा उपकरण के साथ श्रमिकों से काम कराया जाए तो मजदूरों की मौतों को रोका जा सकता है।
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