महोबा। शत प्रतिशत टीकाकरण कराने पर प्रधान व कर्मी सम्मानित होेंगे। यह बात कलक्ट्रेट सभागार में मंडलायुक्त चित्रकूटधाम दिनेश कुमार सिंह ने कही। गुरुवार को डीएम मनोज कुमार के संग गूगल मीट के जरिए न्याय पंचायत वार तैनात मजिस्ट्रेट, ग्राम प्रधानों, पंचायत सहायकों तथा पंचायत सचिवों एवं लेखपालों के साथ कोविड टीकाकरण की ग्रामवार स्थिति तथा ओलावृष्टि में हुए नुकसान, ग्राम निगरानी समितियों के संचालन आदि की समीक्षा की।
देर शाम वैक्सीनेशन की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है, इससे निपटना हमारा मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने पसवारा, बरा, पचपहरा, ननौरा, कबरई देहात, घुटई, कोनियाँ, टोलापातर, सतारी, बछेछर, मुढारी, रजौनी, बसौंठ आदि ग्रामों के प्रधानों, पंचायत सचिव आदि से बात कर टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन 150 से 200 तक लोगों को टीका दिया जाए ताकि 31 जनवरी 2022 तक शतप्रतिशत लोगों का टीकाकरण हो सके। कहा कि सबसे पहले संतृप्त होने वाले गांव के प्रत्येक कार्मिक को जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। डीएम ने प्रधानों व सचिवों से वार्ता के दौरान कहा कि टीकाकरण अभियान को गंभीरता से लें और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। उन्होंने कहा कि एक भी व्यक्ति व 15 से 18 वर्ष तक का एक भी बच्चा टीका लेने से न छूटे।
बैठक में सीडीओ डॉ हरिचरन सिंह, सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय, एडीएम नमामि गंगे जुबेर बेग, एडीएम न्यायिक शिशिर कुमार, सीएमएस डॉ आरपी मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर एम एल यादव, सूचना अधिकारी सतीश यादव सहित समस्त एसडीएम आदि मौजूद रहे।
54 गांव ओलावृष्टि से प्रभावित
बुंदेलखंड के महोबा में पांच दिनों तक हुई बारिश से फसलें तबाह हो गईं हैं। जिससे सभी प्रकार की फसलों को नुकसान हुआ है। जिसको लेकर गुरुवार को मंडलायुक्त ने ओलावृष्टि की समीक्षा करते हुए इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट, उपनिदेशक कृषि, एलडीएम तथा सभी एसडीएम को कड़े निर्देश दिए कि किसानों को हुए नुकसान का सही-सही आकलन कर उनके मुआवजा भुगतान की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए। डीएम ने बताया कि जिले के 54 गांव ओलावृष्टि से प्रभावित हुए हैं। जिसमें महोबा तहसील के 27, चरखारी तहसील के 6 तथा कुलपहाड़ तहसील के 21 गांव हैं। इन गांवों में ओलावृष्टि से हुई क्षति का आकलन करते हुए 15 करोड़ 72 लाख रुपए की राहत का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। एक करोड़ रुपये की धनराशि शासन से उपलब्ध करा दी गई है। जिसके वितरण की कार्रवाई की जा रही है।