महोबा। राजकीय रेलवे पुलिस के थानों में अभिलेखों के रखरखाव व कार्य मूल्यांकन के लिए एक अभिनव प्रयोग किया गया। इस कार्य में जीआरपी के छह अनुभागों के 65 थानों को शामिल किया गया। परिणाम में जीआरपी थाना महोबा को पहला और मथुरा को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। शुक्रवार को लखनऊ मुख्यालय में डीजीपी मुकुल गोयल ने दोनों थानों के पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र व नकद धनराशि भेजकर पुरस्कृत किया।
बता दें कि राजकीय रेलवे पुलिस के थानों में प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। थानों में 80 रजिस्टरों की सूची तैयार की गई। गठित समिति ने निर्धारित मानकों के आधार पर दो उत्कृष्ट थानों का चयन किया। इसमें महोबा को पहला और मथुरा जीआरपी को दूसरा स्थान मिला। दोनों थानों के पांच-पांच पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के लिए सात जनवरी को लखनऊ में कार्यक्रम होना था। पर, कोरोना संक्रमण के चलते कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
इसके बाद डीजीपी ने संबंधित थानों के पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए नकद धनराशि व प्रशस्ति पत्र भेजकर सम्मानित किया है। यह प्रशस्ति पत्र अब जिलास्तर पर एसपी के माध्यम से सौंपा जाएगा। महोबा जीआरपी के सम्मानित होने वाली सूची में थानाध्यक्ष हरिओम मिश्रा, मुख्य आरक्षी नीरज कुमार, पवन कुमार, करुणेंद्र सिंह व जीतेंद्र कुमार सोनकर हैं।