जाम लगाए लोगों को समझाते अधिकारी
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बेलाताल (महोबा)। विकासखंड जैतपुर के मगरौलखुर्द गांव में ठेकेदार की लापरवाही से एक बालक की मौत होने के मामले में शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। इस दौरान परिजनों व ग्रामीणों ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर कुलपहाड़-नौगांव मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। दो घंटे बाद एसडीएम व तहसीलदार के आश्वासन पर जाम खुल सका।
मगरौलखुर्द गांव निवासी भगवानदास अहिरवार का पुत्र निर्मल (11) अपने ममेरे भाई अनिकेत के साथ जल निगम द्वारा कराए जा रहे टंकी निर्माण के कार्य में पानी से तराई कर रहा था। ठेकेदार ने दोनों बालकों को 50-50 रुपये देने का लालच दिया था। करंट की चपेट में आने से निर्मल की मौत हो गई थी। शनिवार की शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद निर्मल का शव गांव पहुंचा। इसके बाद किसान यूनियन की प्रदेश उपाध्यक्ष किरन पाठक के नेतृत्व में परिजनों व ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परिजन ठेकेदार की गिरफ्तारी व 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे थे।
सूचना पर एसडीएम मोहम्मद उवैस, तहसीलदार कृष्णराज सिंह, नायब तहसीलदार राधेश्याम गौड़, कुलपहाड़ कोतवाली प्रभारी रविंद्र कुमार व अजनर थाना अध्यक्ष श्याम प्रताप पटेल ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया। तब दो घंटे बाद शाम सात बजे जाम खुल सका। रात हो जाने के चलते अब शव का अंतिम संस्कार रविवार को होगा।