महोबा में शराब के नशे में पत्नी की लाठी-डंडों से मारपीट करने और इलाज के अभाव में मौत होने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह प्रथम ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर गैर इरादतन हत्या के आरोपी पति को छह वर्ष के कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया। जनपद फतेहपुर के खैरई गांव निवासी श्यामभवन ने नौ जून 2019 को थाना श्रीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि उसने अपनी पुत्री अनीता की शादी वर्ष 2006 में थाना श्रीनगर के सिजहरी गांव निवासी शंभूदयाल के साथ की थी।
अनीता का पति शंभूदयाल शराब का लती है और शराब के नशे में अक्सर उसकी पुत्री को मारता-पीटता है। आठ जून को उसकी पुत्री को लाठी-डंडों से मारापीटा। जिससे उसके सिर व शरीर में गंभीर चोटें आईं। अगले दिन नौ जून को अनीता की मौत हो गई। उसे इलाज के लिए नहीं ले जाया गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अभियुक्त शंभूदयाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
जनपद न्यायाधीश देवेंद्र सिंह प्रथम ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता केशव सिंह राजपूत ने बताया कि अभियुक्त शंभूदयाल को छह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना ठोंका गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।