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रामनाथ के परिवार में महिलाओं का उजड़ गया पूरा कुनबा

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घर के बाहर गमगीन बैठीं गांव की महिलाएं। - फोटो : MAHOBA
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खन्ना (महोबा)। थाना खन्ना के सिरसीकलां गांव में दस दिन पहले सिलिंडर फटने से हुए हादसे में रामनाथ के परिवार में महिलाओं का पूरा कुनबा ही उजड़ गया। पत्नी, बहूओं, नवविवाहित नातिन समेत सात महिलाओं की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया। शनिवार को दिल्ली से कौशल्या का शव घर लाया गया, उसके अंतिम संस्कार के दौरान लोगों के आंसू नहीं थमे।
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सिरसीकला गांव निवासी अंजलि के पिता मुन्ना की मौत 15 साल पहले हो गई थी। दादा रामनाथ ने अंजलि को न सिर्फ पढ़ाया-लिखाया बल्कि बेहतर परवरिश की। 13 फरवरी को अंजलि की शादी झांसी जनपद के गरौठा गांव निवासी प्रवेश कुमार के साथ धूमधाम से की लेकिन किसी को क्या पता था कि बेटी की पहली विदाई उसके परिवार की महिलाओं की अंतिम विदाई हो जाएगी। 17 फरवरी को अंजलि की पहली विदा को लेकर रिश्तेदारों के लिए भोजन बनाने के दौरान छोटा गैस सिलिंडर फटने से नवविवाहिता समेत परिवार की सात महिलाएं झुलस गईं थीं। जिन्हें झांसी भेजा गया था। पांच दिन के अंतराल में नवविवाहिता, उसकी दादी जमुनिया, चाची प्रेमा, सुधा, सुशीला व सुकीर्तिन व मां कौशल्या उर्फ बिट्टन की मौत हो गई। परिवार की सात महिलाओं की मौत से रामनाथ सुधबुध खो बैठा है।
चुनाव का समय होता तो लग जाता नेताओं का तांता
महोबा। सिरसीकलां गांव में सिलिंडर फटने से एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत ने सभी को झकझोर दिया हो लेकिन अभी तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि के गांव न पहुंचने की चर्चा प्रत्येक व्यक्ति की जुबां पर है। ग्रामीणों का कहना था कि यदि चुनाव का समय होता तो नेताओं का तांता लग जाता और सभी अपनी-अपनी रोटी सेकते लेकिन 20 फरवरी को ही मतदान हो जाने के चलते किसी ने भी यहां आकर पीड़ित परिवार की मदद व ढांढस बंधाने की जहमत नहीं उठाई।
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