महोबा। मारपीट व लूटपाट के पांच वर्ष पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम (विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र) राजीव कुमार पालीवाल ने फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर पिता व उसके दो पुत्रों को चार-चार वर्ष के कारावास और छह-छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया।
थाना पनवाड़ी के भरवारा गांव निवासी मूरतध्वज राजपूत ने 18 जून 2016 को कोतवाली कुलपहाड़ में मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में बताया था कि वह अपने साथी मोहम्मद अकील के साथ क्रूजर वाहन में सवार होकर गांव जा रहा था। तभी सुगिरा गांव के समीप बीच सड़क में कुछ लोग एक युवक को लाठी-डंडें से पीट रहे थे। सड़क जाम होने और मारपीट देखकर मूरतध्वज और उसके
साथी ने विरोध किया। जिस पर बहादुर यादव ने अपने परिजनों व अन्य लोगों के साथ मारपीट कर दी थी। लाठियों से हमला किए जाने पर दोनों की हालत बिगड़ गई थी। इस दौरान आरोपी कैमरा, मोबाइल, सोने की चैन व नगदी लूट ले गए थे।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राजीव कुमार पालीवाल ने इस मुकदमे में सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। अभियुक्त बहादुर यादव व उसके पुत्र राजेश यादव और वीर सिंह निवासी सुगिरा को चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।