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बालिका को ले जाने व दुष्कर्म में उम्रकैद की सजा

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महोबा। अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बालिका को भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के सात साल पुराने मामले में गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 15 वर्षीय बालिका कस्बा कबरई में अपने मामा के यहां रहकर पढ़ाई करती थी। 28 अप्रैल 2014 को बालिका अपने घर आई थी। परिजन खेतों पर काम करने गए थे, बालिका घर पर अकेली थी। शाम को परिजन घर लौटे तो पुत्री गायब मिली। काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। बाद में जानकारी मिली कि बेलाताल निवासी भूरा उर्फ अमरचंद्र बालिका को बहला-फुसलाकर ले गया है। इस पर पिता ने तीन मई 2014 को कोतवाली में भूरा उर्फ अमरचंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। तहरीर में कहा कि उसकी पुत्री 20 हजार रुपये नगद व जेवर भी ले गई है। चार साल तक आरोपी बालिका को हरियाणा में रखे रहा और दुष्कर्म किया। चार वर्ष बाद बालिका मिली।
न्यायालय ने अगस्त 2018 में आरोपी भूरा उर्फ अमरचंद्र के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में आरोप तय किए। गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि भूरा उर्फ अमरचंद्र को आजीवन कारावास व 30 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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