महोबा। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में चहेतों के खाते में किस्त के नाम पर दो-दो बार रकम खाते में भेजकर 1.34 करोड़ का गबन किए जाने के मामले में सेवानिवृत्त सहायक परियोजना अधिकारी समेत 11 लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली पुलिस से मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी है।
गौरतलब है कि जिले में दो नगर पालिका व तीन नगर पंचायतों में शहरी पीएम आवास योजना के तहत धांधली की गई थी। वर्ष 2016 से 2021 के बीच तैनात रहे सहायक परियोजना अधिकारियों व निजी कंपनी के कर्मियों ने 93 लाभार्थियों के खातों में निर्धारित राशि से दोगुनी धनराशि उनके खातों में भेज दी थी। मामले में 23 जुलाई को डिप्टी कलक्टर सौरभ पांडेय ने शहर कोतवाली में सेवानिवृत्त परियोजना अधिकारी अबरार अहमद, सुरेंद्र नाथ समेत 11 कर्मचारियों पर 1.34 करोड़ रुपये गबन का मामला दर्ज कराया था।
जांच में देरी होने पर एसपी सुधा सिंह ने क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डूडा विभाग में गबन के मामले की जांच क्राइम ब्रांच प्रभारी स्वामीनाथ को दी गई है। जल्द ही जांच पूरी कराई जाएगी। ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।