महोबा। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने अभियुक्त को दस वर्ष का कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले में लिखा है कि जुर्माना अदा न करने पर दस माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पनवाड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी नौ मई 2019 को कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अपने मामा के यहां गई थी। 14 मई की दोपहर किशोरी खरीदारी करने कुलपहाड़ बाजार गई। तभी बैंदो गांव निवासी गोविंददास कुशवाहा उसे बहला-फुसलाकर ले गया था। खोजबीन करने के बाद किशोरी का कोई सुराग न लगने पर 15 मई को आरोपी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
किशोरी के बरामद होने पर उसके बयान दर्ज कराए गए। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे बाइक से हरपालपुर ले गया। वहां से ट्रेन से राजस्थान ले गया और वहां एक कमरे में बंदकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। किसी से कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी। बयान के बाद दुष्कर्म व पॉक्सो अधिनियम की धारा बढ़ाई गई।
अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि अभियुक्त गोविंददास को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर दस माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।