महोबा। जिले की जैतपुर ग्राम पंचायत में रबी-2024 में फसल बीमा योजना के क्लेम भुगतान में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां के तालाब, मंदिर, बंधान व वन विभाग की जमीन पर फर्जी तरीके से फसल बीमा कराया गया और क्लेम हड़प लिया गया। मामला सामने आने पर किसान नेता मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सरकार ने किसानों की फसल में नुकसान होने पर उसकी भरपाई के लिए बीमा कराने व नुकसान के आधार पर क्लेम का भुगतान देने की व्यवस्था की है। जिले में बीमा कंपनी के कर्मचारियों ने मिलीभगत करते हुए दलालों के माध्यम से कई गांवों में जमीनों पर फर्जी तरीके से फसल बीमा कराया और क्लेम हड़प लिया। खरीफ-2024 में हुए घोटाले की जांच तो चल रही है लेकिन इसी बीच रबी-2024 सीजन में भी खरीफ की तर्ज पर बड़ा घोटाला सामने आ रहा है।
जिले की कुलपहाड़ तहसील के ग्राम जैतपुर का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। इस ग्राम पंचायत के तालाब की 213 बीघा जमीन पर हृदेश, साधना, सत्यवती, केशव, शिवकुमार, मनोज, धर्मेंद्र, योगेंद्र, मैयादीन, कंचन और अर्चना के नाम से फसल बीमा की पॉलिसी ली गईं। इनमें सरसों और चना की फसल की बोआई दिखाकर प्राकृतिक आपदा से नुकसान दिखाया गया।
इसी तरह से वन विभाग की 64 बीघा जमीन पर अमर सिंह, सुशीला, भगत सिंह के नाम से, चारागाह की 12 बीघा जमीन पर रूबी नाम से, चकरोड की एक बीघा जमीन पर हरनाथ और नरेश कुमार के नाम से, बंधान की 15 बीघा जमीन पर बृजनंदन के नाम से और गोपाल जी मंदिर की 64 बीघा जमीन पर प्रवेश कुमार के नाम से फसल बीमा कराया गया। बाईपास की 19 बीघा जमीन पर भी फर्जी तरीके से बीमा कराया गया। इस तरह से इस ग्राम पंचायत की 406 बीघा जमीन पर बीमा कराकर मनमाना नुकसान दिखाते हुए क्लेम लिया गया।
किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत का आरोप है कि पहले फर्जी तरीके से बीमा कराया गया और इसके बाद फसल में नुकसान का व्यक्तिगत दावा दिखाते हुए आठ लाख रुपये का क्लेम निकाला गया। इसी तरह से बीमा कंपनी से सांठगांठ के आधार पर 67 लाख रुपये का भुगतान पोस्ट हार्वेस्ट श्रेणी में दिया गया। इस श्रेणी में फसल की कटाई के बाद नुकसान दर्शाकर क्लेम का भुगतान किया जाता है। इस तरह से 77 लाख रुपये का क्लेम संदेह के घेरे में है। गुलाब सिंह राजपूत ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग जिला प्रशासन से की है।