शुक्रवार की रात करीब 11 बजे मां को पीठ पर लादकर घर ले जाता पुत्र जुग्गन।
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बेलाताल (महोबा)। शुक्रवार रात अस्पताल से छुट्टी मिलने पर कोई वाहन नहीं मिला तो मां को पीठ पर लादकर ले गया। बेटे ने मां को लादकर एक किलो मीटर का सफर तय किया।
जैतपुर के स्टेशन मार्ग निवासी झलकारी बाई (80) अपने पुत्र जुग्गन के साथ रहती है। मां-बेटे खेत में ही झोपड़ी बनाकर रहते हैं। शुक्रवार की रात पड़ोसी खेेत मालिकों की पराली में आग लगा दी। जिसकी चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। आग की चपेट में आने से झलकारी बाई झुलस गई थी। एंबुलेंस से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतपुर पहुंचाया गया। जहां उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर डॉक्टर ने छुट्टी कर दी। रात 11 बजे जुग्गन को मां को घर ले जाने के लिए वाहन की तलाश करता रहा। कोई वाहन नहीं मिला तो वह मां को पीठ पर लादकर पैदल घर ले गया। सीएचसी जैतपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह का कहना है कि वाहन न मिलने की कोई जानकारी नहीं दी गई। यदि जानकारी दी जाती तो कोई व्यवस्था कराई जाती। (संवाद)