घटना की जानकारी देते घायल सिपाही
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बेलाताल (महोबा)। कोतवाली कुुलपहाड़ के बुधौरा गांव में आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर परिवार की महिलाओं ने हमला कर दिया। दोनों सिपाहियों को मकान के अंदर बंदकर मारापीटा और मोबाइल छीन लिए। एक पुलिसकर्मी की वर्दी फट गई। सिपाहियों ने दूसरे मकान में कूदकर अपनी जान बचाई। फोर्स के पहुंचने से पहले ही आरोपी मकान में ताला लगाकर फरार हो गए। घटना को लेकर गांव में पीएसी व कई थानों की पुलिस तैनात की गई।
बुधौरा गांव निवासी बृजलाल अनुरागी ने चौकी बेलाताल में शिकायती पत्र देकर गांव के ही ग्राम प्रधान देव सिंह के भाई भुजबल सिंह राजपूत के खिलाफ मारपीट, अभद्रता व धमकी का आरोप लगाया था। शिकायती पत्र के आधार पर चौकी बेलाताल के सिपाही शिवम मौर्या व रविशंकर पाल मंगलवार की दोपहर बाइक से पूछताछ के लिए गांव गए थे। जैसे ही दोनों सिपाही आरोपी के घर में जाकर उसका पक्ष जानने लगे और चौकी चलने की बात कही। इस पर परिवार की महिलाएं भड़क गईं और मुख्य गेट की अंदर से कुंडी लगाकर सिपाहियों से धक्का-मुक्की व मारपीट कर दी। जिससे सिपाही घायल हो गए और उनकी वर्दी भी फट गई। महिलाओं ने सिपाहियों की बाइक की चाबी व मोबाइल भी छीन लिए। बाद में दोनों सिपाहियों ने किसी तरह दीवार फांदकर पड़ोसी के घर में छिप गए और जान बचाई।
सूचना पर कोतवाली कुलपहाड, थाना अजनर व चौकी बेलाताल की पुलिस व पीएसी मौके पर पहुंच गई। सीओ कुलपहाड़ तेज बहादुर सिंह व कोतवाली प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह ने गांव पहुंच जांच की लेकिन आरोपी घर पर नहीं मिले। उधर पीड़ित पक्ष की महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत एसपी व सांसद से करने की बात कही।
अपर एसपी आरके गौतम का कहना है कि प्रार्थना पत्र की जांच के लिए दो सिपाही बुधौरा गांव गए थे। जहां आरोपी के घर की महिलाओं ने वाद-विवाद शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की गई। मौके पर फोर्स भेजा गया है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक सिपाही के हाथ में चोट आई है। जिनका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।
बुधौरा गांव में तैनात पुलिस फोर्स- फोटो : MAHOBA