महोबा। कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को अनुदान पर दिए गए स्प्रिंकलर सेट के भुगतान में फर्म संचालक से तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगने वाले जिला उद्यान अधिकारी को विजिलेंस टीम झांसी ने मंगलवार की दोपहर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। अधिकारी को कोतवाली लाकर टीम ने हाथ धुलवाए। देर शाम तक लिखापढ़ी चलती रही।
शहर के रामनगर में राजपूत इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म संचालित है। उद्यान विभाग से किसानों को स्प्रिंकलर सिंचाई पद्घति अपनाने के लिए 90 फीसदी तक की छूट उपकरण खरीदने पर दी जाती है। इस योजना के तहत फर्म ने 120 किसानों को स्प्रिंकलर सेट व रेनगन सेट की सप्लाई की थी। जिनमें से 62 किसानों का भुगतान कर दिया गया जबकि 58 किसानों का लगभग 21 लाख रुपये बकाया था। फर्म के संचालक दीपू सिंह ने जिला उद्यान अधिकारी से 58 फाइलों के लंबित भुगतान की मांग की। जिसके एवज में अधिकारी ने तीन लाख रुपये मांगे। संचालक ने 50-50 हजार रुपये की किस्तों में पैसे देने की बात कही।
जिला उद्यान अधिकारी श्याम सिंह द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर पीड़ित ने यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के प्रदेश संयोजक विक्रांत पटेरिया से संपर्क किया। तब पीड़ित की शिकायत विजिलेंस कार्यालय झांसी में कराई गई। मंगलवार को विजिलेंस टीम ने पीड़ित संचालक दीपू सिंह से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते जिला उद्यान अधिकारी को छतरपुर रोड स्थित जिला उद्यान कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। उद्यान अधिकारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने की सूचना पर कोतवाली के बाहर कर्मचारियों की भीड़ एकत्र हो गई। विजिलेंस टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर शंभूनाथ तिवारी के बताया कि पीड़ित संचालक ने रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शासन से अनुमति लेने के बाद डीएम महोबा सत्येंद्र कुमार से दो गवाह लिए गए। जिसके बाद जिला उद्यान अधिकारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। लिखापढ़ी की जा रही है।
विजिलेंस टीम में यह रहे शामिल
जिला उद्यान अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ने गई टीम में विजिलेंस झांसी के प्रभारी शंभूनाथ तिवारी, हेड कांस्टेबल सीताराम शुक्ला, रामकुमार, अजीत तिवारी, बीएस बादल, विश्राम सिंह, महिला कांस्टेबल किरनपाल व चालक अवधेश शामिल रहे। पूरी टीम कार्यालय के बाहर रही। जैसे ही संचालक ने जिला उद्यान अधिकारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत दी तभी टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।